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Siddharthnagar News: बिहार से आए ठगों ने डाला डेरा, झांसे में आए तो ले उड़ेंगे गहने

Tue, 24 Oct 2023 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सक्रिय हुआ धोखाधड़ी करने वाला गिरोह, सफाई करने की बात करके उड़ा दे रहे हैं आभूषण
हर साल दर्ज होता है केस, लेकिन पुलिस की पकड़ से कोसों दूर चले जाते हैं धोखेबाज
कुछ ही लोग शिकायत के लिए आते हैं आगे, अन्य बदनामी के डर से हो जाते हैं खामोश
बांसी कोतवाली क्षेत्र के नरही गांव में दंपती को बना दिए शिकार, त्रिलोकपुर क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व की थी वारदात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सर्द मौसम में पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बिहार के ठगों ने जिले में डेरा डाल लिया है। वे घर-घर घूमते हैं। पुराने गहने साफ करने का हुनर बताकर सोने की परत उतारकर चंपत हो जाते हैं। मौका लगता है तो वे पूरे गहने पर ही हाथ साफ कर देते हैं। पुलिस ने खोजबीन में हुलिया और भाषा से अनुमान लगाया है कि ये बिहारियों का ही गैंग है। सबसे आवश्यक है कि लोग जागरूक हो जाएं और अनजान ठगों के झांसे में न आएं।
गांव में बाइक पर सवार होकर दो लोग आ रहे हैं। पीतल के बर्तन, पायल और सोने के आभूषण साफ करने की बात कर रहे हैं। हाथ में आभूषण लेने के बाद पानी गर्म करके लाने की बात करते हैं। आप पानी लेकर बाहर आएंगे तो न तो सफाई करने वाले मिलेंगे और न ही आभूषण। यह ऐसा गैंग है जो स्थान बदलकर वारदात करता है।
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ऐसे मामले कई वर्षों से थाने में पहुंच रहे हैं। पुलिस केस भी दर्ज करती है, लेकिन आज तक यह गैंग कभी पकड़ा नहीं गया है। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक, गैंग बिहार का है। कई बार पकड़ने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन बिहार से उन्हें उठाया नहीं जा सका। एक बार फिर बांसी कोतवाली नरही गांव में वारदात करके उन्होंने चुनौती दे दी कि यह गैंग सक्रिय हो चुका है। इसमें पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पति ने पूछा तब पता चला धोखेबाज लेकर चले गए जेवरात

मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में सुमहवा निवासी राकेश के मुताबिक, वह दिल्ली में रहकर काम करते हैं। एक माह पहले घर लौटे हैं। उनकी पत्नी से धोखेबाज आभूषण लेकर चंपत हो गए। उन्होंने बताया कि यह जानकारी उन्हें तब हुई, जब एक रिश्तेदार के यहां जाना था। पत्नी ने मां के दिए झुमके नहीं पहने थे, नकली पहने थे। पत्नी ने बताया कि बाइक से दो लोग आए और पुराने आभूषण चंद मिनट में साफ करके नया बना देने की बात कही। मात्र 20 रुपये में सफाई कर रहे थे। झुमकी लाकर उसने दिया। इसके बाद पानी गर्म करके लेकर आने के लिए कहा। जब पानी गर्म करके लेकर पहुंची तो वे जा चुके थे। कहा कि बदनामी के डर से किसी को बताया नहीं। थाने में भी उन्होंने शिकायत नहीं की।

दंपती को बना दिया ठगी का शिकार

बांसी कोतवाली में क्षेत्र के गांव निवासी दिलीप दूबे ने बताया कि 19 अक्तूबर को उनके घर दो युवक पहुंचे। दोनों युवकों ने अपने को एक कंपनी में काम करने का परिचय देते हुए मूर्ति और जेवरात साफ करने की बात कही। इसमें एक युवक आगे चला गया जो बाइक से था। जबकि दूसरा वहीं रुक गया। मना करने के बाद भी पत्नी उनके बहकावे में आ गई। पहले पीतल की कटोरी साफ करने के लिए दिया। उसे साफ करके नया जैसा चमका दिया। इसके बाद पायल और सोने की चार चूड़ियां भी दे दीं। उसने पायल साफ किया और चूड़ी को कटोरी में डाल दिया। इसमें कुछ केमिकल भी डाला था। पायल साफ करने के बाद उन्हें साफ करने के लिए कहा। इसके बाद चूड़ी को कटोरी में रखकर पानी गर्म करके लाने के लिए कहा। जब बाहर बाहर निकली तो चूड़ी समेत दोनों भाग चुके थे। उन्होंने डाॅयल-112 और कोतवाली पुलिस सूचना देकर कार्रवाई की मांग की।



पुराने गहने पर रहती है नजर

गहने उड़ाने के अबतक जो मामले सामने आए हैं। उसमें एक बात यह स्पष्ट हुई है कि यह गिरोह पुराने गहने मांगता है। इसके पीछे की वजह यह है कि इसकी शुद्धता की गारंटी है और वजनी रहता है। ऐसे में अगर सोना ले भी न जा सके तो केमिकल डालकर उसका अंश पानी में साफ कर लेते हैं। जब इसकी छनाई करते हैं तो और सुखाते हैं तो सोना अलग हो जाता है। अगर साथ लेकर चंपत हुए तो मौजूदा समय के आभूषण से वह कहीं बेहतर और वजनी ठहरता है। इसी पुराने आभूषण पर उनकी नजर अधिक रहती है।



बहरुपिए की तरह से क्षेत्रवार भाषा की रखते हैं जानकारी

पुलिस विभाग के पूर्व अधिकारी मंशाराम गौतम ने बताया कि यह गिरोह बिहार से संचालित होता है। यह एक प्रकार से बहुरुपिए जैसा होता है। इन्हें क्षेत्रवार भाषा के बारे में जानकारी होती है। गांव की बोली के हिसाब से बोलते हैं। इससे सामने वाला यह समझे कि यहीं के रहने वाले हैं। मिलने के बाद सामने वाले से जिले के किसी नामी चौराहे का नाम बताते हुए विश्वास में लेते हैं। इसके बाद आभूषण पर हाथ साफ कर लेते हैं। यह इसलिए नहीं पकड़े जाते हैं कि एक क्षेत्र में दो से तीन वारदात करके जनपद बदल देते हैं। कई बार पुलिस बिहार में इनके ठिकाने तक जाती है, लेकिन पकड़ में नहीं आते हैं।
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खुद सावधान होने की जरूरत

आभूषण साफ करने के बहाने लेकर भाग जाने का मामला सामने आया है। अगर गांव में ऐसे लोग दिखें जो बाइक से हों और आभूषण और पीतल के बर्तन साफ करने का लालच दें तो सावधान हो जाएं। ये जालसाज हो सकते हैं। आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं। ऐसे लोगों के दिखने पर उन्हें रोक लें। अगर रोक न पाएं तो बाइक नंबर लेने के साथ ही पुलिस को सूचना दें। ताकि पुलिस उन्हें पकड़कर कार्रवाई कर सके।
-सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर
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