सिद्धार्थनगर। प्रोजेक्ट अलंकार योजना अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए मिलने वाली सरकारी अनुदान में नए दर पर आगणन की अनुपलब्धता बाधक बन रही है। शासन के निर्देश पर डीआईओएस के बार-बार पत्र लिखने पर भी चार विद्यालयों के जिम्मेदारों की ओर से शिथिलता बरती जा रही है। जल्द प्रेषित न होने पर योजना के लाभ से इन विद्यालयों को वंचित होना पड़ता है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन से निर्माण एवं अवस्थापना सुविधाओं के सहयोगी अनुदान के लिए आगणन अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को प्रेषित किया गया था।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक की अध्यक्षता में बीते दिनों हुई बैठक में तकनीकी परीक्षण में पुराने दर का आगणन पाए जाने के कारण पत्रावली वापस कर दी गई है।
जिन विद्यालयों के अनुदान की संस्तुति की गई है, उनमें विद्या विनोद संस्कृत महाविद्यालय महुलानी, वेदादर्श संस्कृत माध्यमिक विद्यालय साड़ीकला, श्रीराम सुमिरन शर्मा आदर्श संस्कृत माध्यमिक विद्यालय भैसठ सेखुई, विश्वबंधु संस्कृत माध्यमिक विद्यालय उसका बाजार शामिल हैं। सभी को पुन: नवीन दर पर आगणन बनाकर भेजने का निर्देश हुआ है।
डीआईओएस की ओर से बार-बार संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर नया आगणन मांगा जा रहा है, पर अब तक किसी की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिससे जनपद की छवि शासन में धूमिल हो रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने बताया कि संबंधित प्रबंधकों को पत्र लिखा गया है। समय रहते यदि नवीन दर पर आगणन उपलब्ध नहीं कराया गया तो अनुदान सहायता से वंचित होने पर स्वयं जिम्मेदार होंगे।