सिद्धार्थनगर। पांच साल पुराने मामले में बार-बार समन भेजने के बाद भी हाजिर न होने वाले दरोगा को मंगलवार को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में ले लिया। चार घंटे हिरासत में रखने के बाद देर शाम उन्हें रिहा कर दिया गया। दरोगा के खिलाफ कोर्ट गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई के लिए भी आदेश जारी कर चुका था।
पुलिस ऑफिस के अपराध शाखा में तैनात एसआई रामविलास यादव के खिलाफ डुमरियागंज निवासी अकबर ने परिवाद दाखिल किया था। उसका आरोप था कि 19-20 मार्च 2012 की रात डुमरियागंज थाने में तैनात एसआई रामविलास यादव ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। डेढ़ हजार रुपये नकदी भी छीन लिया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। पीड़ित के बयान के आधार पर कोर्ट ने एसआई को समन जारी कर हाजिर होने का आदेश दिया था। कई बार समन भेजने के बावजूद वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए तो जमानती और फिर गैर जमानती वारंट जारी हुए।
इसके बाद भी उपस्थित न होने पर धारा-82 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू करने को आदेशित किया। एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी कार्मिक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर संबंधित दरोगा को उपस्थित कराने के लिए कहा। इसके अनुपालन में एसआई रामविलास यादव ने मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया। पेश होते ही सीजेएम सुजीत कुमार चौधरी ने बार-बार न्यायालय के आदेश की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए दरोगा को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। दोपहर करीब 12 बजे हिरासत में लिए गए दरोगा शाम करीब 4 बजे तक कोर्ट से बाहर नहीं निकल पाए। इसके बाद जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया गया।