ध्वस्त मिली सफाई व्यवस्था, नालियां भी जाम
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय के निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी को कदम-कदम पर अव्यवस्था मिली। अस्पताल के बाहर व चिकित्सकों के कक्ष में टेबल चादर, वास बेसिन गंदा पाए जाने पर जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। लगभग दो घंटे के निरीक्षण में चेकलिस्ट के 75 बिंदुओं पर बारीकि से पूछताछ की। भविष्य में बेहतर सफाई व्यवस्था मिलने पर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बुधवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर सीडीओ हर्षिता माथुर सीएमओ डॉ सीमा राय के साथ संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंची। दो घंटे तक सघनता से दैनिक चेक लिस्ट में शामिल 75 बिंदुओं पर पूछताछ की। इस दौरान ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में गंदगी पाई गई। टेबल चद्दर व वासबेसिन गंदा मिला। इसके लिए चिकित्सकों ने भी अपने को असहाय बताते हुए कहा कि बार-बार अनुरोध के बाद भी सफाई नहीं होती है। टूटे खिड़की, शीशा, छूटे प्लास्टर को भी ठीक कराने का निर्देश दिया। इमरजेंसी, लेबर रूम, पीआईसीयू, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, प्लास्टर वार्ड में भी पहुंचकर उपलब्ध संसाधनों के बारे में पूछताछ की। वार्डों से संबद्ध शौचालयों की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। चिकित्सालय के बाहर ओपीडी व इमरजेंसी वार्ड के आसपास नालियां जाम मिली। बेहतर पेयजल की भी व्यवस्था नहीं दिखाई दी। भविष्य में बेहतरी के कड़े निर्देश दिए। इस मौके पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके झा, हास्पिटल मैनेजर डॉ. अनूप कुमार यादव, महामारी रोग विशेषज्ञ समीर सिंह, रोगी कल्याण समिति के जिला समन्वयक संतोष सिंह आदि की मौजूदगी रही। सीडीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान तीमारदारों की ओर से पार्किंग व कैंटीन की व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया। जिस पर सीडीओ हर्षिता माथुर ने सीएमएस के माध्यम से हास्पिटल मैनेजर को प्रस्ताव बनाने की सख्त हिदायत दी।
सीडीओ ने संयुक्त जिला अस्पताल में अनुपलब्ध साधन व संसाधन को चिह्नित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बताया कि कार्ययोजना मिलने के बाद बजट के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों को सहूलियत मिल सके।