शहर के बांसी तिराहे पर ठंड से पसरा सन्नाटा।
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सिद्धार्थनगर जिले में मंगलवार को ठंड का असर और तेज हो गया। दिन भर शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही। एक स्थान पर ज्यादा समय तक खड़े रहे लोग गलन के कारण ठिठुर गए। जहां अलाव की आंच दिखी, लोगों के पांव वहीं ठहर गए। हाथ सेंकने के बाद भी आगे बढ़े। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। चौक चौराहों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा देखने को मिला।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस गिरावट हुई तो ठंड ने लोगों की दिनचर्या बदल दी। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम है। यह 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम हो जाए तो शीत दिवस हो जाता है, लेकिन इसकी शर्त यह है कि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होना चाहिए। मगर जिले में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया। इस कारण इस मंगलवार को शीत दिवस दर्ज नहीं किया गया, जबकि यह दिन सीजन में सबसे अधिक ठंडा रहा।
राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कई दिनों से धूप नहीं होने के कारण दिन रात के तापमान में अंतर तीन डिग्री ही रह गया है। इस कारण ठंड का असर ज्यादा है। तीन चार दिन तक शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रहने का पूर्वानुमान है। ऐसे मौसम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
ठंड से बिगड़ रही तबीयत
ठंड का असर ऐसा है कि थोड़ी भी लापरवाही होने पर लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. सीबी चौधरी ने ठंड के कारण उल्टी दस्त, सर्दी खांसी, जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं। लोगों को ज्यादा समय तक घर में रहने की आवश्यकता है। हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीजों की तबीयत भी बिगड़ रही है। ऐसे मरीजों को अपनी दवा नियमित लेते रहना चाहिए। दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए।