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Siddharthnagar News: कोरोना की आहट के बीच आयुर्वेद की दवाओं बढ़ा भरोसा

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कोरोना की आहट के बीच आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा
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- ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गए मरीज
- सर्दी, जुकाम के इलाज के लिए आयुर्वेद का ले रहे सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच एक बार फिर लोगों का आयुर्वेद की दवाओं पर भरोसा बढ़ गया है। आयुर्वेद की ओपीडी में जहां सामान्य दिनों में 20 से 25 मरीज आ रहे थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 50 हो गई है। इनमें सर्दी, जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या अधिक है। मरीजों का कहना है इस दवा के सेवन से संक्रमित होने का डर खत्म हो जाता है। वहीं चिकित्सक भी आयुर्वेद की दवा के बेहतर परिणाम मिलने की बात कह रहे हैं।
सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रही है, जिससे पुरानी प्रक्रिया से लोगों का बेहतर इलाज हो सके। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में आयुर्वेद की दवा काफी लाभकारी साबित हुई थी। इसके बाद आयुर्वेद पर लोगों को भरोसा और बढ़ गया है। कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने के साथ ही लोगों को रुझान आयुर्वेद की ओर बढ़ने लगा है। मंगलवार को आयुर्वेदिक चिकित्सालय पुरानी नौगढ़ की पड़ताल की गई तो यहां पर सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ ही पेट और जोड़ों में दर्द के रोगी मिले। पुरानी नौगढ़ की निवासी साफिया बच्चे को लेकर पहुंची थीं। बच्चे के जुकाम और खांसी की शिकायत थी। यहीं के बहादुर ने बताया कि उनकी गांठों और कमर में तेज दर्द रहता है, एलोपैथ की दवा कराई, लेकिन ठीक नहीं हो रहा था। यहां की दवा और मिलने वाले तेल से काफी आराम है। कोरोना काल में यहां से काढ़ा लेकर गए थे। काफी लाभ हुआ था। कुछ इसी प्रकार अन्य मरीजों ने प्रतिक्रिया दी।
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दोपहर एक बजे तक 35 मरीजों की ओपीडी हो चुकी थी। चिकित्सक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इसमें मौसमी बीमारी के पीड़ित अधिक हैं। कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ने के कारण लोग काढ़ा, आयुष किट लेने के लिए आ रहे हैं। चीफ फार्मासिस्ट सहतू गुप्ता ने बताया कि इस समय मरीज बढ़े हैं। दवाएं बहुत कम बची हैं, जल्द ही दवाएं नहीं आई तो समस्या होगी। अभी तक तो काम चल रहा है। इस संबंध में जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल में जो भी दवाएं उपलब्ध हैं, मरीजों को दी जा रही हैं। उनके बेहतर इलाज की कोशिश की जा रही है।
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जिले में संचालित हो रहे हैं इतने अस्पताल
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में आयुर्वेद के 31 और एक अस्पताल यूनानी पद्धति का संचालित हो रहा है। किसी भी अस्पताल पर 30 से कम की ओपीडी नहीं है। यानी प्रतिदिन ओपीडी में इन अस्पतालों में एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
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आयुष किट की बढ़ी मांग
आयुर्वेद चिकित्सकों की ओर से कोरोना काल में लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष किट का वितरण किया गया था। इसमें आयुष क्वाथ, च्यवनप्रास, अणु तेल, संशमनी बटी आती थी, जो काफी कारगर रही। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद एक बार फिर की किट की मांग बढ़ गई है।
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