पंपिग सेट से पानी चलाकर धान की रोपाई करते किसान। संवाद
सिद्धार्थनगर। किसानों की धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, लेकिन बारिश न होने से किसान धान की रोपाई नही कर पा रहे हैं। समय से रोपाई न होने से किसान परेशान हैं, जिस जगह पर पानी की सुविधा है वहां पर किसान पंपिंग सेट लगाकर रोपाई कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने से वह भी परेशान है कि कहीं नर्सरी सूख न जाए।
धान के रोपाई का सीजन है। ऐसे में बारिश नहीं होने से किसानों परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय से बारिश न होने से नर्सरी सूख रही है, रोपाई करने में भी देरी हो रही है। ऐसे में किसान चिंतित हैं। जिस जगह पर पानी के संसाधन हैं वहा पर किसान पंपिंग सेट के सहारे रोपाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी यह चिंता सता रही है कि यदि बारिश नहीं हुई तो रोपाई की हुई नर्सरी भी सूख जाएगी।
खेसरहा क्षेत्र के सिसहनिया में किसानों को अपने खेतों की रोपाई करने के लिए पंपिंग सेट से पानी चलाना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों का कहना है जहा बरसात होने पर आसानी से रोपाई का काम हो जाता। वहीं 250 रुपया प्रति घंटा देकर रोपाई करवाना मजबूरी है। जिससे किसानों पर लागत का अधिक भार पड़ रहा है। क्षेत्र के दिनमणि उपाध्याय, सुरेन्द्र नाथ, श्यामू सहानी, गिरजा पति, जगदीश विश्वकर्मा, राम गोपाल, राम गोविन्द आदि किसान बरसात नहीं होने से चिंतित हैं।