सिद्धार्थनगर। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के युद्ध के बीच फंसे लोगों की सांसें अटकी हुईं हैं। परिवार के लोग हर घंटे फोन से जानकारी ले रहे हैं। वहीं, धमाके की आवाज सुनकर फंसे हुए लोगों को दिल बैठ जा रहा है।
शुक्रवार को टिकट कंफर्म होने पर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों को निराशा हाथ लगी। सऊदी में उमराह के लिए गए लोगों की शुक्रवार को फ्लाइट थी, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने पर फ्लाइट कैंसिल कर दी गई, जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के युद्ध के बीच कोई परिवार और देश छोड़कर सात समंदर पार कमाने के लिए गया है, जिससे घर की माली हालत सुधार सके। वहीं, कई उम्र की आखिरी पड़ाव पर धार्मिक यात्रा पर निकले हैं कि अल्लाह से इबादत कर सकें। लोगों की सलामती की दुआ मांग सके। जब फ्लाइट कैंसिल हो गई और फिर युद्ध वाले क्षेत्र में धमाके की आवाज सुनने के लिए डर के साए में रुकने के लिए मजबूर हैं। आंकड़ों के मुताबिक जनपद में तकरीबन तीन हजार लोग खाड़ी देशों में हैं।
युद्ध के बाद उन परिवारों में गम और डर का माहौल है। किसी का संपर्क टूट गया है तो कोई हर घंटे अपडेट दे रहा है कि अभी सुरक्षित हैं।
फ्लाइट कैंसिल, डर के साए में कट रहा हर पल : भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पड़िया, खरगौला से 18 फरवरी को सऊदी अरब के मक्का में उमराह करने गए नौ लोग भी ईरान इजराइल युद्ध में जाकर फंस गए पड़िया, खरगौला के जमीरुल्लाह, तकीबुननिशा, मोहम्मद उमर, कुतबुन, अजीजुर रहमान, आबिदा खातून, सक्लैन, शमशाद, सजरुनिसा उमराह के लिए गए थे। इनको शुक्रवार को सऊदी अरब के जेद्दा एयरपोर्ट से बंगलूरू के लिए आना था। जब काफिला एयरपोर्ट पहुंचा तो पता चला की फ्लाइट कैंसिल हो गई है।
मोबाइल के माध्यम से जमीरुल्लाह से जब वार्ता की गई तो बताया कि जब एयरपोर्ट पर सूचना मिली तो पैर के नीचे से जैसे लगा जमीन खिसक गई। वतन आने की खुशियां धरी की धरी रह गईं। मोहम्मद उमर ने बताया अब बेचैनी और बढ़ गई। हम लोगो को जेद्दा एयरपोर्ट से वापस मक्का पहुंचाया गया। अब देखो वतन कब जाना नसीब होगा। घबराहट और बेचैनी और बढ़ गई है।
हालात खराब होने के चलते घबराहट जैसी होने लगी है दुआ की जा रही है। हालात सही हो जाए और फ्लाइट चलने लगे। हिंदुस्तान की सरकार से मांग करते हैं कि हम लोगो को अपने वतन लाने में मदद करें।द