मेहरबान हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी
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सिद्धार्थनगर । सोनू सिंह हत्याकांड में शनिवार की शाम को पुलिस ने शव का पीएम कराया। शरीर में कहीं गोली न मिलने पर रात करीब नौ बजे जिला अस्पताल में शव का एक्सरे कराया गया। गले में की हड्डी में गोली फंसी मिली। सोनू को गोली मारने से करीब पचास मीटर पहले भी फायर किया गया था। पुलिस ने उस स्थान से 315 बोर का फायरशुदा खोखा बरामद किया है। पीएम में साफ हो गया कि सोनू सिंह को एक गोली लगी, वह भी सिर के पीछे गले के ऊपर। मौत का कारण भी गोली से मस्तिष्क में घातक चोट पहुंचना बताया गया है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है। एसपी राकेश शंकर ने स्वाट टीम को मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तफ्तीश में सामने आया है कि सोनू सिंह की रेकी की जा रही थी। घटना स्थल से करीब पचास मीटर पहले भी फायर किया गया। इस बात पुष्टि वहां से बरामद कारतूस का खोखा ने किया। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या हमलावरों के पास इतना समय था कि वह असलहे को अनलोड करने के बाद दोबारा लोड करे।
दूसरा सवाल यह भी पुलिस को खाए जा रहा कि फायर की आवाज सुनने के बाद सोनू सिंह ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश किया था या नहीं। अगर किया था तो हमलावरों के पास इतना समय नहीं बचा था कि फिर से असलहे से फायर किया जा सके। क्या इस दौरान हाथापाई हुई थी। सूत्र बताते है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी व पूछताछ के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।
स्वाट टीम नामजद आरोपी आदित्य प्रताप उर्फ अनुज सिंह, राजेश दुबे उर्फ कांक्षा व नेपाल निवासी सुभाष यादव की तलाश में जुटी हुई है। नीलमणि दुबे ने घटना वाले दिन ही पुराने मामले में जमानत को तुड़वा कर जेल चला गया। पुलिस सूत्र बताते है कि नीलमणि दुबे का अदालत में हाजिर होना शक को पुख्ता करता है। सुभाष यादव, कांक्षा की तलाश में घटना के बाद से ही पुलिस टीम लग गई है। दोनों भूमिगत बताए जा रहे है।
इस संबंध में एसपी राकेश शंकर ने बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है। गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम दबिश डाल रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।