भारतभारी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पर बुधवार को आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सा टीम ने 49 गर्भवतियों की जांच की और उन्हें उपचार दिया गया। इस दौरान जांच में पांच उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान की गई। इन महिलाओं में खून की कमी पाई गई, जिसके बाद उनका आवश्यक चिकित्सीय उपचार किया गया।
महिला चिकित्सक ने बताया कि उच्च रक्तचाप, भ्रूण का असामान्य आकार, गंभीर एनीमिया और प्लेसेंटा की विकृति जैसे कारण उच्च जोखिम की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस शिविर का उद्देश्य गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही उच्च जोखिम वाले लक्षणों की पहचान कर समय पर उपचार और परामर्श देना है। इसका लक्ष्य जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित रखना है। शिविर में सभी गर्भवतियों के खून और पेशाब की जांच की गई। साथ ही, उनका रक्तचाप और वजन भी मापा गया। इसके अतिरिक्त, आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम और अल्बेंडाजोल जैसी आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित की गईं। रेखा सिन्हा ने गर्भवतियों की जांच कर उन्हें परामर्श दिया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की रीता गौतम, रेखा सिंह, राधा, शारदा, वंदना, सुनीता, रीता दिवाकर सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।