- बस्ती मंडल के पहले मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय में पढ़ सकेंगे 15 सौ विद्यार्थी
- कक्षा एक से 12वीं तक एक ही छत के नीचे मिलेगी हाईटेक शिक्षा की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ उसका बाजार। जिले के नौगढ़ तहसील के उसका बाजार अब केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत केंद्र बनने जा रहा है। उसका ब्लॉक मुख्यालय स्थित बीआरसी परिसर में 23 करोड़ रुपये की लागत से मंजूर मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति देते हुए प्रथम किस्त के रूप में 11.49 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बजट जारी होने के साथ ही निर्माण से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं, और जल्द ही कार्य धरातल पर दिखाई देगा। शासन ने प्रदेश के 44 जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बस्ती मंडल के सिद्धार्थनगर का भी चयन किया गया है। इस स्कूल पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जहां कक्षा एक से 12वीं तक स्मार्ट क्लास, लैंग्वेज लेन व स्किल सेंटर संचालित होगा।
इसके लिए प्राथमिक विद्यालय उसका बाजार का चयन किया गया है। जहां मानक के अनुसार साढ़े पांच एकड़ जमीन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय को मंडलीय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां छात्रों को नवोदय और केंद्रीय विद्यालय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि यह विद्यालय ग्रामीण अंचल के उन बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, जिन्हें बेहतर शिक्षा के लिए अब तक जिला मुख्यालय या निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। उसका ब्लॉक को इस परियोजना के लिए चुने जाने के पीछे इसकी भौगोलिक स्थिति और लोकल कनेक्टिविटी को अहम आधार माना गया है।
उसका ब्लॉक आसपास के दर्जनों गांवों का शैक्षिक और प्रशासनिक केंद्र है। यहां तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सड़कों का जाल मौजूद है, जिससे दूर-दराज के गांवों के बच्चों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय अभिभावकों के अनुसार, अब तक बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए शहर भेजना पड़ता था, जिससे आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह का दबाव परिवारों पर पड़ता था।
जिले के शिक्षाविद बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह विद्यालय अवसरों का नया द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। अब तक संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली बच्चे आगे नहीं बढ़ पाते थे या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे। मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के शुरू होने से ड्रॉपआउट दर में कमी आने और छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय शिक्षाविदों का कहना है कि जब गांव में ही बेहतर माहौल और संसाधन मिलेंगे, तो बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
इसलिए खास है उसका ब्लॉक का चयन
उसका ब्लॉक जिले के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां बीआरसी पहले से सक्रिय है और आसपास के गांवों से सड़क संपर्क मौजूद है। यहीं से बड़ी संख्या में छात्र माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए बाहर जाते हैं। प्रस्तावित विद्यालय में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल मैदान और शारीरिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। छात्रों के व्यक्तित्व विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम और संसाधनों को उसी स्तर का रखा जाएगा, जैसा नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों में देखने को मिलता है।
सृजित होंगे रोजगार के अवसर
इस परियोजना का असर शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा। विद्यालय के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण कार्य में मजदूरों और तकनीकी कर्मचारियों को काम मिलेगा, वहीं भविष्य में विद्यालय के संचालन से शिक्षकों, कर्मचारियों और सहायक सेवाओं में भी रोजगार सृजन होगा। इसके साथ ही ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्र में परिवहन, स्टेशनरी, भोजनालय और छोटे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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भूकंपरोधी तकनीक से बनेगा विद्यालय
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय भवन का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक से किया जाएगा। विद्यालय में आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की स्थापना भी की जाएगी। प्रांगण में फलदार, औषधियुक्त और छायादार पेड़-पौधों का रोपण किया जाएगा। प्रधानाध्यापक, अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अलग आवासीय व्यवस्था विद्यालय प्रांगण में की जाएगी।
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विद्यालय में ये रहेगी खास सुविधा
विद्यालय परिसर में ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाल का निर्माण होगा। वहीं विद्यालय में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। इनमें प्रत्येक कक्ष के लिए स्मार्ट क्लास, स्किल हब सेंटर, कक्षा एक से आठ के लिए कंपोजिट विज्ञान-गणित प्रयोगशाला, कक्षा नौ से 12 के लिए रसायन, भौतिक विज्ञान हेतु माड्यूलर प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब एवं लैंग्वेज लैब, कक्षा एक से आठ एवं कक्षा नौ से 12 के लिए अलग-अलग पुस्तकालय, खेल का मैदान व ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाल की सुविधा होगी। इसके साथ ही सोलर पैनल एवं वर्षा जल संचयन इकाई की स्थापना, आरओ एंड यूवी वाटर प्लांट, मिड डे मील, किचन व डायनिंग हाल, वाशिंग एरिया, मल्टीपल हैंडवाशिंग यूनिट की व्यवस्था होगी। साथ ही शिक्षक व शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग स्टाफ रूम भी बनाए जाने की योजना है।