पीएफएमएस के जरिए ऑनलाइन पेमेंट न करने पर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अंतर्गत जिले की दो नगर पालिकाओं और चार नगर पंचायतों को मिलने वित्तीय सहायता पर शासन ने रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए ऑनलाइन पेमेंट न किए जाने के कारण यह कार्रवाई हुई है। सहायता रोके जाने से विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हो सकती है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर ऑनलाइन सरकारी विभागों के भुगतान व वित्तीय स्वीकृति को लेकर सतर्क है। निदेशक स्थानीय निकाय की ओर से सभी नगर आयुक्तों, अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजते हुए बताया गया है कि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की वित्तीय वर्ष 2019-20 के सभी राज्यांश रोक दिए गए है। यह राज्यांश तभी दिए जाएंगे, जब पीएफएमएस पोर्टल पर डिजिटल पेमेंट के तहत भुगतान किया जाएगा। इस निर्णय के बाद नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर, आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी, नगर पंचायत उसका बाजार, नगर पंचायत डुमरियागंज, नगर पंचायत शोहरतगढ़, नगर पंचायत बढ़नी की वित्तीय सहायता पर रोक लग गई है।
विकास कार्यों पर लगा ग्रहण
राज्य वित्त आयोग की ओर से मिलने वाली धनराशि रोके जाने से जिले के सभी निकायों में विकास कार्यों पर ग्रहण लग जाएगा। इस धनराशि के मिलने से निकाय प्रशासन की ओर से बोर्ड की बैठक कर नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, डस्टबिन की खरीदारी, शौचालय निर्माण, किसी पीड़ित को सहायता आदि बिंदुओं पर निर्णय लिया जा सकता है। इतना ही नहीं निकाय कर्मियों के वेतन भी रुक जाएंगे।
गृहकर की वसूली न होने पर कार्रवाई
गृहकर केे वसूली न किए जाने के आरोप में नगर विकास विभाग ने जनपद के नगर पंचायत उसका बाजार, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, बढ़नी को मिलने वाली इस मद की सहायतित धनराशि को भी रोक दी गई है।
नगर निकायों में राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर मिलने वाली धनराशि रोके जाने की जानकारी है। पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालन के लिए सभी अधिशासी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी पहल न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सीताराम गुप्ता, अपर जिलाधिकारी