सिद्धार्थनगर महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या में रेणुका पवार की प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव की दूसरी शाम रेणुका पवार के नाम रही। हरियाणवी गायिका रेणुका पवार की बावन गज का दामन, पैर मटक चलूंगी, प्रस्तुति पर पूरा पंडाल झूम उठा। इसके साथ ही उनकी भजन प्रस्तुति आज मिथिला नगरिया निहाल सखियां, चारो दुलहा में बड़का कमाल सखियां, पर दर्शक जय श्रीराम के नारे के साथ भक्ति भाव में लीन दिखे।
महोत्सव में मशहूर हरियाणवी गायिका रेणुका पवार ने अपनी सुरीली आवाज में गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सहयोगी कलाकारों एवं ऑर्केस्ट्रा की धुन पर एक से बढ़कर एक हरियाणवी लोकगीत प्रस्तुत किए। उन्होंने देवर जेठा के में गई खटक-खटक, गजका गूंघट थाम चाली मैं तो मटकर-मटक गीत सुनकार श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात चले कार्यक्रम में गायिका ने एक के बाद एक गीतों के अलावा पुराने गीत सुनाकर लोगों को आनंदित कर दिया।
इस दौरान कार्यक्रम के अंत तक पंडाल में दर्शक जमे रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल, सदर विधायक श्यामधनी राही, सीडीओ जयेंद्र कुमार, एसडीएम ललित कुमार मिश्र और विधायक विनय वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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बुद्ध भूमि के लोग सहयोगी, स्मृतियों में रहेंगे: रेणुका पवार
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: प्रसिद्ध हरियाणवी गायिका रेणुका पवार ने अमर उजाला से की बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हरियाणवी गायिका रेणुका पवार को किशोरवस्था से ही गायन शुरू किया। वह यूपी के बागपत जिले की खेड़ा कस्बा के सामान्य परिवार की बेटी है। उनका कहना था कि जहां रहती थी, वहां संगीत को हेय दृष्टि से देखा जाता है लेकिन भाई विक्की पवार के सहयोग से इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकी। शुरुआती दिनों में बहुत कम शुल्क पर विभिन्न कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती रही। आज वह संगीत के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हो चुकी है।
सिद्धार्थनगर महोत्सव में सोमवार को सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने पहुंची रेणुका पवार का कहना था कि बुद्ध भूमि पर प्रस्तुति देने पहली बार आई हैं। उनके कई मशहूर हरियाणवी गाने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही हरियाणा और पंजाब में घर-घर सुने जाते है। वह कहती है कि यहां आए हैं तो बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु और नेपाल के लुंबिनी भी जाएंगे। यहां के लोग बहुत सहयोगी है, जो मेरे स्मृतियों में रहेंगे।