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धड़ल्ले से खाद तस्करी: अब झोले में सीमा पार पहुंच रही यूरिया

Tue, 12 Nov 2024 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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भारत नेपाल सीमा क्षेत्र खुनुवा हुआ में हो रही खाद की तस्करी
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सिद्धार्थनगर। खाद की संकट के बीच यूरिया की तस्करी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तस्कर बोरे के साथ-साथ झोले में यूरिया सीमा पार पहुंचा रहे हैं। बॉर्डर एरिया में तस्करों ने इलाका बांट रखा है जो कैरियर के माध्यम से खाद सीमापार पहुंचा रहे हैं। इसमें भारतीय और नेपाली दोनों देशों के तस्करों की तगड़ी गठजोड़ है जो सीमावर्ती दुकान से लेकर बार्डर पर तार फैली है। तस्कर गैर परंपरागत मार्ग पर बाइक और साइकिल से धड़ल्ले से तस्करी कर रहे हैं।
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जिले में अभी गेहूं की बुवाई चल रही है, किसानों को डीएपी की जरूरत है। वह डीएपी के लिए समितियों पर दौड़ लगा रहे हैं।
वहीं, जरूरत से पहले यूरिया नेपाल पहुंचा जा रही है। बार्डर पर तस्करी रोकने के लिए संयुक्त टीम तो बनी है, लेकिन तस्कर उन्हें चकमा दे रहे हैं। कारण खाद पार हो जा रही है, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग पा रही है। अगर तस्करी नहीं रुकी तो 15 दिन बाद यूरिया के लिए हाहाकार मचेगा, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा खुली हुई है। यहां मौसम और मांग के हिसाब से तस्कर सामान की तस्करी करते हैं। मौजूदा समय में बार्डर पर यूरिया की तस्करी बढ़ गई है। तस्करी पांच से 700 रुपये प्रति बोरी मुनाफा के लिए नेपाल में यूरिया लेकर जा रहे हैं।
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यहां सेट दुकानों से 450-500 रुपये बोरी यूरिया खरीद रहे हैं और सीमापार होते ही 1000-1200 रुपये बोरी में बेच रहे हैं। तस्करी के बारे में खुनुवां बार्डर क्षेत्र के पड़ताल में तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। नेपाल सीमा से सटे खुनुवां, बजहा, पल्टादेवी, चिल्हिया, कपिया व गौरा बाजार सहित सीमावर्ती अन्य इलाकों से रसायनिक खाद यूरिया, पोटाश आदि की तस्करी धड़ल्ले से जारी है।
लोगों का मानना है कि कृषि विभाग से उर्वरक की दुकान का लाइसेंस लेकर भारत-नेपाल सीमा के लगभग 10 से 20 किमी के अंदर दुकान खोले हैं। और नेपाल सीमा से सटे तीन से चार किमी पर किराए की गोदाम में उर्वरकों का भंडारण कर लिया है।
वहां से आसानी से यूरिया खाद नेपाल भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि यहां से तस्कर दुकानदार को सरकार के तय कीमत से दुगना रुपये देकर ले जा रहे हैं। समय-समय पर सीमाई गांव के लोग इस तस्करी के खेल का वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते रहे हैं।
हालांकि, सरकार ने खाद तस्करी को रोकने के लिए खाद लेने की लिमिट पॉस मशीन, आधार कार्ड व पक्का रसीद आदि नियमों का प्रावधान किया है, लेकिन शातिर खाद दुकानदारों व तस्करों ने नियम और प्रावधान का तोड़ बनाकर धड़ल्ले से कालाबाजारी कर उर्वरक खाद नेपाल भेज रहे हैं।
इस संबंध में सीओ शोहरतगढ़ सुजीत कुमार ने बताया कि सीमावर्ती थानों की पुलिस अलर्ट है। लगातार चेकिंग की जाती है। संदिग्धों के पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाती है। बार्डर पर चेकिंग और तेज किया जाएगा।
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