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Siddharthnagar News: रिश्वत लेने वाली और मौजूद महिला लेखपाल निलंबित

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में काम के बदले फाइल में रुपये रखकर लेने वाली और इस बीच वहां मौजूद रहने वाली दो लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान में लेते हुए डीएम डॉ. राजागणपति आर. के निर्देश पर एसडीएम बांसी ने जांचकर यह कार्रवाई की।
वायरल वीडियो कई माह पहले का बताया जा रहा है, जिसमें काश्तकार रुपये गिनकर एक फाइल में रखकर लेखपाल को देते हुए दिख रहा है। हालांकि इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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एसडीएम बांसी शशांक शेखर राय ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया। इसमें बांसी तहसील के क्षेत्र संख्या-131 उदयपुर में तैनात लेखपाल उषा चौधरी के समक्ष किसी व्यक्ति द्वारा कुछ रुपये गिनकर एक पत्रावली में रखा जा रहा है।
इसके बाद रुपयों समेत उक्त पत्रावली लेखपाल द्वारा उक्त व्यक्ति से अपने हाथ में प्राप्त की जा रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि लेखपाल उषा चौधरी द्वारा उक्त धनराशि ली गई है। लेखपाल का यह कृत्य उप्र सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के नियमों के विरुद्ध है। इस दौरान वहां मौजूद बांसी तहसील की क्षेत्र संख्या-57 तेजगढ़ में तैनात लेखपाल निधि चौधरी पूरे प्रकरण को निकट से देख भी रही हैं।
एसडीएम के अनुसार इससे स्पष्ट होता है कि लेखपाल निधि चौधरी की संलिप्ता उक्त की धनराशि के लिए लाने में है, जिससे लेखपाल निधि चौधरी का यह कृत्य सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रतिकूल है। एसडीएम ने दोनों लेखपालों को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
निलंबन अवधि में दोनों लेखपालों को तहसील बांसी के राजस्व निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। साथ ही इस मामले की जांच के लिए तहसीलदार बांसी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इन कार्यों के लिए देना पड़ता है रिश्वत : तहसीलों में विवादित भूमि की पैमाइश, वरासत, बैनामा की जमीन का दाखिल खारिज आदि कार्यों के लिए काश्तकारों को राजस्व कर्मियों को संतुष्ट करना पड़ता है, तब जाकर उनकी फाइल आगे बढ़ती है।
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यहां तक कि लोगों को आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र बनवाने को रिपोर्ट लगाने के लिए भी कुछ न कुछ देना पड़ता है। बांसी तहसील क्षेत्र में वायरल हुआ वीडियो भी एक थाना समाधान दिवस के दौरान ही काश्तकारों द्वारा दाखिल खारिज के लिए लेखपाल को फाइल में रुपये रखकर लेखपाल को रिश्वत दी जा रही है।
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