देवरिया। प्रयागराज में पुलिस के हत्थे चढ़े नकली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य सरगना गौरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम गौरी खुर्द निवासी विवेक यादव के पिता हमेशा ही गौरी बाजार कस्बे में मिलते हैं। वह 14 टैंपो किराए पर चलवाते हैं। विवेक की पहचान इलाके में एक सामाजिक कार्यकर्ता की है और उसके परिवार की भी सम्मानजनक स्थिति है।
मामला सामने आने के बाद लोग आश्चर्यचकित हैं। प्रयागराज से मिली जानकारी के बाद गौरी बाजार पुलिस छानबीन में जुटी है। हालांकि प्रयागराज पुलिस ने रुद्रपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार यादव व गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर नगर पंचायत के वार्ड गांधीनगर बरारी निवासी नरेंद्र उर्फ विराट यादव को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में पता चला की नकली नोट छापने का मुख्य सरगना गौरी बाजार क्षेत्र का विवेक यादव पुत्र अवध बिहारी यादव है। विवेक, धर्मेंद्र कुमार व नरेंद्र के साथ मिलकर देवरिया शहर स्थित एक किराए के कमरे में नोट छापते थे। पुलिस ने छापा मारकर वहां से नोट बनाने वाली मशीन, लैपटाप व अन्य सामान बरामद किया। आरोपितों के पास से कार व 1.18 लाख नकली नोट भी बरामद किया गया।
दो महीने में बदला नरेंद्र का व्यवहार : नरेंद्र के पिता आजीविका के लिए लोगों की गाड़ी चलाते हैं। दो भाईयों में छोटा नरेंद्र पढ़ने लिखने में भी कमजोर था। इंटर की पढ़ाई के बाद वह इधर-उधर घूमता था। गांव वालों ने बताया कि करीब दो महीने से उसका व्यवहार काफी बदला था। वह घरवालों व गांव वालों से भी कम ही बातचीत करता था।
महंगी गाड़ियों का शौकीन है विवेक, सोशल मीडिया पर रहता है सक्रिय : नकली नोट के धंधेबाजों का सरगना विवेक यादव का नाम सामने आते ही लोग स्तब्ध रह गए। वर्ष 2021 में जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुके विवेक सोशल मीडिया में खूब सक्रिय है। कुछ दिन पहले गांव में स्थित काली मंदिर पर एक बड़े यज्ञ के आयोजन में भी सक्रिय भूमिका रही। खेलकूद कार्यक्रमों में भी खुले हाथ से पैसा खर्च कर रहा था। सोशल मीडिया पर तरह-तरह का फोटो व वीडियो अपलोड करता है। थार, बुलेट, महंगे बाइक, स्कार्पियो से चलना उसका सगल है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट में खुद को किंग आफ गौरी बाजार लिखा है।