क्षेत्र के कटया दुबे गांव निवासी धूरव (30) पुत्र पूर्णमासी मुंबई में रहकर काम करता था। बताया जा रहा है कि वहीं शादी करके पत्नी के साथ रह रहा था। कुछ दिन बाद एक बेटी और बेटा और पत्नी के साथ गांव में आया था। करीब एक साल पहले पत्नी की भी मौत हो गई थी। इसके बाद वह गांव पर ही रहने लगा। किराये पर ई-रिक्शा लेकर चलाता था। शुक्रवार को भी घर से निकला था। जबकि उसकी आठ वर्षीय पुत्री सपना और तीन वर्षीय पुत्र फूलमर्ति घर पर थे।
शाम को करीब साढ़े पांच बजे अनाचक दोनों बच्चों और उसे खुद उल्टी शुरू हो गई और बच्चे बेहोश हो गए। पूछने पर पता चला कि दोनों को जहर खिलाकर खुद भी जहर खा लिया है। यह सुनकर तत्काल परिवार के लोग सभी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान पुत्र फूलमूर्ति की मौत हो गई। जबकि प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने पिता और पुत्री को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
वहीं, पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर शव को मॉर्चरी हाउस में रखवा दिया है। इस संबंध में एसओ जोगिया यशवंत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल गए थे। बच्चे की मौत हो गई है। जबकि पिता और पुत्री को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना के कारणों के बारे में जानकारी ली जा रही है।