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सरकारी स्कूल में गड़बड़झाला

Tue, 10 May 2016 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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गृह सचिव ने किया निरीक्षण
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शिक्षा विभाग के अफसरों की लाख कोशिशों के बाद भी बर्डपुर ब्लॉक के स्कूलों की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। नामांकन और उपस्थिति में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी ब्लॉक के कई स्कूलों पर अव्यवस्था उजागर हुई।
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अमर उजाला टीम ने आधा दर्जन स्कूलों में पड़ताल की तो कागजी और जमीनी हकीकत में अंतर साफ नजर आया। प्राथमिक विद्यालय रेहरा में सुबह नौ बजे प्रभारी प्राध्यानाध्यापिका रश्मि श्रीवास्तव व सहायक अध्यापक शफीकु जमा खां बच्चों को पढ़ाते मिले।
यहां कुल पंजीकृत बच्चों की संख्या 80 है, जिसमें 60 उपस्थित रहे। एमडीएम में दाल-चावल तैयार हो रहा था। विद्यालय में विद्युतीकरण आज तक नहीं हुआ है। सुबह 9.20 बजे प्राथमिक विद्यालय नोनहवा में अध्यापक बच्चों को पढ़ाते मिले।
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सहायक अध्यापिका रुचि त्यागी ने बताया कि विद्यालय का रसोई गैस सिलिंडर खत्म हो चुका है। प्रधानाध्यपक प्राणनाथ यादव सिलिंडर लेने गए हैं। सहायक अध्यापिका सविता श्रीवास्तव और रसोइयां मौजूद थीं। यहां कुल पंजीकृत 80 बच्चों में 38 उपस्थित थे।
विद्यालय में इंडिया मार्का हैंडपंप का बुरा हाल है। शौचालय भी बदतर स्थिति में है। सुबह 9.30 बजे प्राथमिक विद्यालय परसा बेलहरी में प्रधानाध्यापक विश्वंभरलाल बच्चों को पढ़ा रहे थे। यहां कुल पंजीकृत 82 बच्चों में 10 ही मौजूद थे।
एमडीएम में चावल-दाल बन चुका था। प्राथमिक विद्यालय पिपरसन में मात्र 18 बच्चे मौजूद थे, जबकि पंजीयन 89 बच्चों का है। रजिस्टर पर 33 बच्चों की हाजिरी बनी थी। मौके पर सह समन्वक अंशुमान सिंह जांच करते मिले। प्रधानाध्यापक राजश्री गौतम को कड़ी फटकार लगाई।
इसी प्रांगण में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरसन में 49 में 21 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक आरती सिंह बच्चों को पढ़ा रही थी। प्राथमिक विद्यालय मरवटिया में प्रधानाध्यापक कंचन प्रभा व सहायक अध्यापक वंदना सिंह मौजूद रहीं।
कुल पंजीकृत 50 में महज 6 बच्चे उपस्थित रहे, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में 11 बच्चों की हाजिरी लगी थी। बरामदे की फर्श टूटी हुई और शौचालय की स्थिति भी खराब थी। हैंडपंप नदारद था। प्रधानाध्यापक कंचन प्रभा के मुताबिक बाउंड्री क्षतिग्रस्त होने के कारण जब विद्यालय बंद हो जाता है तो गांव वाले यहां मल-मूत्र का त्याग करते हैं। 
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