: सिद्धार्थनगर महोत्सव में कालानमक चावल के उत्पादन, विपणन पर गोष्ठी एवं कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव में एक जनपद-एक उत्पाद के तहत चयनित काला नमक चावल के उत्पादन, विपणन पर गोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने काला नमक का उत्पाद बढ़ाने, उसकी गुणवत्ता बेहतर करने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
वक्ताओं ने कहा कि इसके निर्यात को बढ़ावा मिलने से यहां के किसानों को लाभ मिलेगा। बीएसए मैदान में सिद्धार्थनगर महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ वैज्ञानिक आरसी चौधरी ने कहा कि काला नमक का एक्सपोर्ट बंद होने से उत्पादन और विपणन प्रभावित हो सकता है। एक्सपोर्ट खोलने के लिए सकारात्मक प्रयास करने होंगे। काला नमक चावल के सीएफसी अभिषेक सिंह ने कहा कि काला नामक चावल का भी कोड जारी होना चाहिए। विकास उपाध्याय ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों की भाषा के मुताबिक पैकिंग पर अंकन होना चाहिए।
विशेषज्ञ श्रीधर पांडेय ने कहा कि काला नमक चावल की पहचान को बरकरार रखने के लिए उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि गुणवत्ता खराब हुई तो ब्रांड का नाम भी बदनाम होगा। अंशुमान उपाध्याय ने भी अहम जानकारी दी। कार्यशाला एवं गोष्ठी में एक दशक में काला नमक चावल के उत्पादन, गुणवत्ता एवं विपणन को लेकर हुए प्रयासों के साथ ही भविष्य में बेहतरी के लिए विचार-विमर्श हुआ।
इस मौके पर उपायुक्त उद्योग दयाशंकर सरोज ने पहले की अपेक्षा वर्तमान में काला नमक चावल के उत्पादन और निर्यात पर विस्तार से जानकारी दी।
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नहीं शामिल हुए किसान, खाली रही कुर्सियां
सिद्धार्थनगर महोत्सव में काला नमक गोष्ठी के दौरान किसानों के नहीं आने से पंडाल में कुर्सियां खाली दिखीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि आयोजन समिति की तरफ से किसानों को आमंत्रित नहीं किए जाने से गोष्ठी में किसान शामिल नहीं हो सके। इससे किसानों को जागरूक करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजन पर सवाल खड़ा हो रहा है। वहीं महोत्सव स्थल पर बने काला नमक जोन में भी दोपहर 12.38 बजे तक लोगों का आवागमन नहीं दिखा।