बांसी। सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत मिठवल विकास क्षेत्र के ग्राम खोरिया रघुवीर सिंह स्थित एम-पैक्स केंद्र पर शुक्रवार को इफ्को की ओर से किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को नैनो तरल उर्वरकों, संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।
इफ्को के एमसी योगेंद्र ने किसानों को फसलों में कीट एवं खरपतवार नियंत्रण के लिए रासायनिक दवाओं के सुरक्षित एवं संतुलित प्रयोग, उचित मात्रा तथा सही समय के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से कृषि रसायनों का उपयोग करने से फसलों को बेहतर सुरक्षा मिलती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
इफ्को के क्षेत्राधिकारी शिशुपाल ने बताया कि पारंपरिक दानेदार उर्वरकों के साथ नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, कंसोर्टिया, सागरिका जल-विलय उर्वरक तथा बायो डीकंपोजर का वैज्ञानिक तरीके से प्रयोग करने पर बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
उन्होंने नैनो तरल उर्वरकों के घोल तैयार करने की विधि, उचित मात्रा, छिड़काव का सही समय और आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी। इफ्को के अमरजीत पाठक ने किसानों से आधुनिक नैनो तकनीक अपनाकर खेती की लागत कम करने और उत्पादन के साथ आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन से मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
कार्यक्रम में किसानों ने नैनो उत्पादों के प्रति उत्साह दिखाया और इसे आधुनिक खेती के लिए उपयोगी बताया। इस अवसर पर विपिन पाठक, बताशा बाबा, सदलू साहनी, बबलू दूबे, अशोक कुमार उर्फ लाला पंडित, अरुण पाठक, वंशमणि पाठक, रामजस चौबे, देवशरण पाठक, पीयूष धर दूबे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।