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Siddharthnagar News: नर्सरी के समय डीजल न मिलने से किसानों की बढ़ी परेशानी

Sun, 24 May 2026 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शहर के लुंबिनि मार्ग पर ​स्थित पेट्रोल पंप पर लगी हुई भीड़।  
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किसानों ने उठाई मांग, डीजल की हो अलग से व्यवस्था
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तुलसियापुर। धीरे-धीरे धान की नर्सरी लगाने की किसान तैयारी कर रहा है। एक तरफ मौसम विपरीत है तो वहीं दूसरी तरफ संसाधन के अभाव में किसान परेशान हैं। न खाद मिल रहा है और न सिंचाई और जुताई के लिए आसानी से डीजल ही मिल पा रहा है। किसानों ने धान की नर्सरी के डीएम और संबंधित अधिकारियों से डीजल और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने की मांग की है।
मौजूदा समय धान की खेती का शुरुआती दौर है। इस समय अधिकतर किसान धान की नर्सरी लगाते हैं। जहां, बीज और डीएपी की जरूरत होती है। वहीं, खेतों में पानी भरने के लिए डीजल की भी आवश्यकता है। क्षेत्र के किसान हेमंत शुक्ल, मो. हारून, चंद्रभान गुप्ता, उबैदुर्रहमान,अलीम, नंदलाल शर्मा आदि ने बताया कि जब हम डीएपी और यूरिया के लिए साधन सहकारी समितियों व प्राइवेट दुकानों पर संपर्क करते हैं तो वहां से बताया जाता है कि अभी उच्चाधिकारियों की ओर से खाद की बिक्री पर रोक लगाई गई है, इसलिए वह खाद नहीं दे सकते। रोजाना कठेला-तुलसियापुर मार्ग पर दर्जनों बाइकों पर कठेला की तरफ तीन-तीन बोली यूरिया और डीएपी लादकर आते हुए लोग आसानी से दिखाई दे जाते हैं।
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किसानों ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर यह कौन लोग हैं जिन्हें इतनी आसानी से तीन-तीन बोरी यूरिया और डीएपी मिल जा रही है। इनसे कोई भी सुरक्षाकर्मी सवाल नहीं पूछता है। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद तस्करी के नाम पर मौजूदा समय में केवल क्षेत्रीय किसानों को खाद की बिक्री पर रोक लगाकर परेशान किया जा रहा है। तस्करी रोकना कृषि विभाग व सुरक्षाकर्मियों का काम है। उसके लिए बेवजह किसानों को मिलने वाली खाद पर रोक क्यों लगाई जा रही है। किसानों ने डीएम से खाद बिक्री पर रोक हटाने व नर्सरी लगाने के लिए उचित खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि खाद का कोई किसान घरों पर ले जाकर भंडार न करें, इसलिए रोक लगाई गई है। किसान किसी भी दुकान पर जाकर नर्सरी लगाने के लिए आवश्यक उर्वरक ले सकता है। अगर कोई दुकानदार उर्वरक रहते हुए भी नहीं दे रहा है तो उसकी किसान शिकायत करें, कार्रवाई की जाएगी। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसान भाई अफवाह पर ध्यान न दें।
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