सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। बाद में राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कि कहा कि भारत-नेपाल सीमा सड़क के निर्माण में किसानों की जमीन का मुआवजे में धांधली की जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद किसानों की अधिग्रहीत जमीन के बदले सर्किल रेट से चार गुना के सापेक्ष में कुछ किसानों को प्रशासन गुमराह कर मुआवजे में भेद-भाव बरत रहा है।
प्रशासन के इस रवैये से किसानों में असंतोष है। यदि किसानों के जमीन का उचित मुआवजा न दिया गया तो सड़क निर्माण कार्यबंद कराया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड का प्रीमियम लेने के बाद भी बीमा कंपनी इफ्को टोकियों के जरिए वर्ष 2011-15 में फसल के नुकसान की प्रतिपूर्ति अभी तक नही दी गई है, जिसे अविलंब दिलाया जाए।
विकास खंड नौगढ़ के सिसवा ग्रांट में स्थित धोबहा घाट पुल का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। इटवा तहसील क्षेत्र के झकही में अवैध कब्जे को यदि जल्द ही न हटवाया गया तो संगठन के लोग खुद कब्जा हटवाएंगे। विकास खंड खुनियांव के भैनभरिया में चेकमार्ग पर खड़ंजे का निर्माण कराया गया था।
गांव की ही एक महिला खड़ंजे की ईंट उखाड़कर अनिधिकृत रूप से भवन निर्माण कर रही है। निर्माण कार्य रोकवाने के लिए एसडीएम ने आदेशित भी किया था मगर उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई।
विभिन्न समस्याओं से संबंधित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू ने धरना प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। महेंद्र कुमार, राकेश नरायण त्रिपाठी, इंद्रजीत दूबे, अनिल कुमार मौर्य, राकेश कुमार श्रीवास्तव, अर्जुन प्रसाद लोधी, घनश्याम चौरसिया, शरीफ हसन आदि मौजूद रहे।