शनिवार देर रात हुई झमाझम बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं किसान उत्साह से कृषि कार्य में जुट गए हैं। मानसून से पहले की इस बरसात ने जलनिकासी के इंतजामों की पोल खोल दी है। नगर से लेकर गांव तक की सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है।
तेज बारिश के कारण तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन प्रमुख चौराहों के साथ कई गांवों की सड़कों पर जलजमाव व कीचड़ की स्थिति पैदा हो गई है। बारिश से नकदी फसल की खेती करने वाले किसानों को जहां राहत मिली है। वहीं मौसम सुहाना होने से आम आदमी को तपन भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
खरीफ की खेती की तैयारी में किसान युद्धस्तर पर जुट गए हैं। खेतों की जुताई, ढैंचा की बुवाई सहित अन्य कार्य तेज हो गए हैं। लगातार दो वर्ष से घाटा झेल रहे किसान इस बार होने वाली अच्छी बारिश का भरपूर लाभ उठाना चाहते हैं।
लिहाजा वह अभी से खेती की तैयारियां पूरी कर लेना चाहते हैं, ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए। उधर, तेज बारिश से चौराहों व गांवों में हुए जलजमाव के कारण पैदल चलना दुश्वार हो गया है। क्षेत्र के मन्नीजोत चौराहा, मोतीगंज चौराहा, भनवापुर मुख्यालय को जाने वाले और भरवठिया मुस्कहम मार्ग, मिश्रौलिया-पिरौला, शाहपुर-धोबहा पर पानी लगा है। क्षेत्र के सोनाहटी, बढनीचाफा आदि गांव के चौराहे पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से जलजमाव है।
इससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के बंटू गुप्ता, संगम लाल कसौधन, बृजेश अग्रहरि, राजेश शुक्ला, सच्चिदानंद मिश्रा आदि ने जलनिकासी का व्यवस्था करवाकर जलजमाव की समस्या का समाधान करने की मांग की है।