तिलौली। मिठवल ब्लाॅक क्षेत्र में छुट्टा पशुओं ने किसानों का सुख-चैन छीन रखा है। खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए किसानों को दिन-रात लगना पड़ रहा है। रात में जागकर फसलों को रखवाली करनी पड़ रही है।
गोशालाओं के बेहतर संचालन के शोर के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सड़कों से लेकर सीवान तक छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी देखी जा सकती है। सड़कों पर बेफिक्र होकर घूम रहे छुट्टा पशुओं ने एक ओर जहां राहगीरों का आवागमन दूभर कर रखा है। दूसरी ओर खेतों में लहलहा रही फसल को बरबाद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रखी है। तिलौली के आसपास के गांवों के सीवान में फसलों के बीच छुट्टा पशुओं का झुंड देखा जा सकता है। ऐसे में फसल को पशुओं से बचने के लिए लाठी-डंडो से लैस होकर किसानों को निकलना पड़ता है, क्योंकि उन्हें फसल बचाने के साथ खुद को भी बचाना होता है।
क्षेत्र के अमित पांडेय, अब्दुल रशीद, पहलवान, संदीप, ज्ञान प्रकाश, तुफैल चौधरी ने बताया कि पशुओं के चलते उनका दिन का सुकून व रात की नींद हराम हो चुकी है। गोशालाओं की व्यवस्था और भी ठीक करने की जरूरत है ताकि छुट्टा पशुओं से निजात मिल सके।
शीघ्र ही टीम बनाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में भेजने का कार्य किया जाएगा, ताकि किसानों की फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
-चंद्रभान उपाध्याय, बीडीओ