डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे में हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास की पैदाइश के मौके पर बुधवार को कई जगह महफिलए-ए-वफ का आयोजन किया गया। इस दौरान मिलाद में शायरों ने कलाम पढ़ा और कसीदा पेश किया। लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
हजरत अब्बास की पैदाइश की पूर्व संध्या पर मंगलवार की रात दरगाह हजरत अब्बास में अंजुमन अबुल फजलिल अब्बास के बैनर तले आयोजित महफिल-ए-वफा का शुभारंभ अब्बास अली ने कलाम पाक की तिलावत करके की। अंबर मेंहदी और हैदरे कररार ने नाते पाक पेश की। मेहमान शायर अता हैदराबादी, सागर बनारसी, रुस्तम इलाहाबादी, इमरान उतरौलवी, वसी अब्बास, मुंतजिर जौनपुरी, अली शब्बर नौगांवी, शमशाद, बेताब, हसन जमाल, अफसर, लकी, हानी, मुमताज, फरहान कदर, खुलूस, आलम, फैजी ने कलाम और कसीदा पेश किया।
महफिल को मौलाना मोहम्मद अब्बास शारिब और जाकिर जमाल हैदर तथा अजीम हैदर ने संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन के छोटे भाई हजरत अब्बास अलमदार ने हमेशा अपने मौला हुसैन के आगे सिर झुकाए रखा। आज तक पूरी दुनिया में हजरत अब्बास जैसा कोई भाई पैदा नहीं हुआ। उनकी वफादारी और सब्र से दुनिया को सीख लेने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद अब्बास तथा संचालन मनाजिर फतेहपुरी और अफसर हल्लौरी ने किया। इस दौरान वसीउल हसन, वजीहुल हसन, कामयाब बबलू, वसीम पंजतन, एजाज अहमद, गुड्डू बाबा, शकील हैदर, तस्कीन हैदर, वजीर हैदर, नौशा, वफा, लकी, शराफत मौजूद रहे।