बारिश ने बिखेरी किसानों के चेहरों पर मुस्कान
फोटो-
धान की रोपाई के बाद पानी की दिक्कत से जूझ रहे थे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। लगातार पांच दिन तक तेज धूप और उमस भरी गर्मी से हलकान लोगों के लिए रविवार को हुई बारिश ने जहां राहत पहुंचाई है, वहीं किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। धान की रोपाई के बाद पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों का कहना है कि यह बारिश धान के पौधों के लिए अमृत के समान है।
वर्तमान में जिले में किसान धान की फसल की रोपाई कर चुके हैं। धान के पौधों को पानी की बेहद जरूरत होती है। इनमें धान की रोपाई किए कहीं पांच तो कहीं 10 व 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी। इधर पांच दिनों से तेज धूप व उमस के कारण जहां लोग गर्मी से हलकान थे, वहीं किसानों के चेहरे खेतों में रोपाई के बाद बिन पानी के धान की फसल की तरह लटक गए थे। कई किसानों ने धान की फसल की रोपाई करने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था, उनके पास फसल की सिंचाई करने की भी लागत नहीं बची थी। इसलिए वह धान की फसल को लेकर निराश हो चुके थे। अब बारिश ने उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। किसान राधेश्याम, हरिप्रसाद, उमाकांत, नजीबुल्लाह व परमेश्वर का कहना है कि लोगों ने कर्ज लेकर धान की फसल की रोपाई की थी, अब मंहगे डीजल और पंपसेट से पानी चलाकर फसल की सिंचाई करने की क्षमता नहीं थी। इसलिए लोगों को धान की फसल तैयार होने की उम्मीद नहीं बची थी। बारिश ने फसल के साथ ही लोगों को भी जीवनदान दे दिया है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि वर्तमान में सभी फसलों को बारिश की बेहद जरूरत थी, आज हुई बारिश धान की फसल के लिए लाभकारी है। सोहना कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ मार्केंडय सिंह ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए अमृत है। अब किसानों को पानी चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तेज धूप से धान के खेतों में पड़ गई थीं दरारें
किसी तरह धान की फसल की रोपाई कर चुके किसानों के खेतों में तेज धूप के कारण दरारें पड़ गई थीं। कुछ किसानों ने अपने निजी पंपसेट से एक बार खेत में पानी चलाया, लेकिन फिर से खेत सूखने के बाद उनकी पानी चलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। किसान जटाशंकर, उमेश, विनोद व दयाशंकर ने कहा कि बारिश से लोगों को काफी राहत मिली है।
शहर में कई स्थानों पर हुआ जलभराव
रविवार को हुई बारिश से शहर की सूरत बिगाड़ दी। जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी ऑफिस की हालत बदतर है। ड्रेनेज खंड व पीडब्ल्यूडी कार्यालयों समेत पीएचसी नौगढ़ में जलभराव के कारण कार्यालय में घुसने में लोग परेशानी झेल रहे थे। शहर के खजुरिया रोड समेत विभिन्न सड़कों पर जलभराव से पैदल राहगीरों के साथ दो पहिया वाहन चालकों की भी सांसत रही।