- मूसलाधार बारिश से बिगड़ गए शहर के हालात, हर तरफ जलभराव, कमरे में कैद रहे लोग, मुख्य मार्ग तक पानी से जाना मजबूरी
- खजुरिया रोड जानलेवा बारिश में और बिगड़ गए हालात, पुरानी नौगढ़ के भगत सिंह नगर, वाल्मीकि और शास्त्रीनगर का भी यही हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी के बीच बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बारिश ने शहर में जीवन को बेपटरी कर दिया। भारी बारिश से चोक पड़ी नालियां उफना गईं। मोहल्ले की सड़क पर छह ईंच से एक फिट तक पानी भर गया। बारिश के चलते लोग घरों से कम निकले, लेकिन जो निकले, उन्हें मुख्य मार्ग से पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश से शहर के बिगड़े हालात के बारे में जानकारी ली गई तो परेशान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। जो नगर पालिका के स्वच्छता और नियमित नाली की सफाई का दावे की पोल खोल रहे।
नगर के खजुरिया मार्ग हालात सबसे बुरे रहे, यहां से गुजरने वाले वही थे, जिन्हें घर से निकलना मजबूरी था। कमोबेश यही हाल पुरानी नौगढ़ के भगत सिंह नगर, वाल्मीकि और शास्त्रीनगर वार्ड में देखने को मिला। दो-दो मीटर तक सड़कों पर पानी और लोगों के घर की नींव नीचे थी, उनके घरों में पानी घुस रहा था। लोगों का कहना था कि सफाई की बात हमेशा की जाती है, लेकिन कहीं चोक रहता था, तो कहीं नाली टूटी रहती है। ऐसे में समस्या तो झेलनी ही पड़ेगी। क्योंकि नगर के लोगों की समस्या किसी को दिख नहीं रही है।
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पड़ताल में दिखा शहर का हाल
रात से हो रही बारिश में शहर के हालात की जानकारी लेने के लिए हम नगर के लाइफ लाइन कहे जाने वाले खजुरिया मार्ग पर पहुंचे। सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण के लिए यहां डेढ़ माह पहले अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। 100 से अधिक दुकानें टूटीं, मलबे से नालियां टूटकर पट गई हैं। बारिश से पहले ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी से लोग परेशान थे, लेकिन बारिश के बाद तकरीबन डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पर लगभग एक फिट पानी बह रहा था। उससे उठने वाली दुर्गंध से गुजरने वालों को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी। एक बार एंट्री करने वाले को डेढ़ किलोमीटर तक पानी जाना पड़ रहा था। हालांकि इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश लोग मोहल्ले के रहे। क्योंकि अतिक्रमण हटने के बाद हुई समस्या के बाद कोई इधर से जाना नहीं चाहता।
तीन मोहल्ले के लगभग 20 हजार लोग इस समस्या से हर दिन जूझ रहे हैं। मुख्य सड़क पर निकले हरीश वर्मा ने कहा कि पहले परेशानी से जूझ रहे थे। इस बारिश ने आफत खड़ी कर दी है। पानी में कुछ दिख नहीं रहा है, गड्ढे में कब गिर जाएं कोई पता नहीं है। बाइक लेकर निकले तबारक ने कहा कि हमारी तो मजबूरी है कि इसी रास्ते से निकलूं। पता नहीं इस समस्या से कम निजात मिलेगी। पूरे दिन में कई लोग गिरकर भीग चुके हैं। शास्त्रीनगर वार्ड की मुख्य सड़क पर पहुंचे तो वहां भी पानी भरा हुआ था। लगभग 10 हजार आबादी वाले इस मोहल्ले में भारी बारिश से हमेशा जलभराव हो जाता है। कारण नालियों की सफाई न होने और चोक होने है।
मोहल्ले के सुमित कुमार और उदयभान ने कहा कि हर बारिश में यही होता है। जब तक बारिश होगी बच्चों को घरों में कैद रहना पड़ेगा। उनके निकलने पर खतरा है, सड़क और नाली पता ही नहीं चल रही है। यही हाल वाल्मीकि नगर में देखने को मिला। शहर और नाली कहां है पता नहीं चल रहा था। गुजरने वाले बचकर निकलते हुए देखे गए। लोगों ने इसी प्रकार की पीड़ा व्यक्त की। वहीं, शहर के पुरानी नौगढ़ के भगत सिंह नगर वार्ड में लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। सुबह लोग जब उठे तो सड़क पर लगभग एक फिट पानी भरा था। मोहल्ले के आफताब, राशिद और उमंग ने बताया कि नाली काफी समय से टूटी हुई है, जिसे बनवाया नहीं जा रहा है। सामान्य बारिश में जलभराव हो जाता है। अब तो भारी बारिश हो रही है। कई दिनों तक परेशान होना पड़ेगा। कमोबेश यही हाल अन्य मोहल्लों का रहा।
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सरकारी कार्यालय में घुसा पानी
बारिश के बाद नगर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ जलभराव का शिकार हो गया है। ओपीडी कक्ष के साथ ही परिसर में पानी भर गया। हालांकि सुबह से हो रही बारिश के कारण मरीज नहीं आए, अगर आए होते तो इलाज में परेशानी होती। वहीं, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और कार्यालय जलभराव का शिकार नजर आए। सड़क से उतरते ही पूरा परिसर से तालाब जैसा दिख रहा था। अगर बारिश का यही हाल रहा तो कई दिनों तक समस्या से निजात नहीं मिलेगी।
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नहाने और कपड़ा धुलने में दिक्कत
बारिश के बाद नालियां उफान पर आ जाने से घरों का पानी भी नहीं निकल पा रहा है। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। अगर बारिश का यही हाल रहा तो नहाने और कपड़ा धुलने में दिक्कत होगी। कारण जाे पानी उपयोग होगा, वह बाहर निकलेगा नहीं। अगर नहीं निकलेगा तो घर में रहेगा, जिससे मुसीबत होगी।
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बोले लोग
बारिश के बाद हर मोहल्ले में जलभराव की स्थिति बन गई है, खजुरिया मार्ग का बुरा हाल है। कारण अतिक्रमण हटाने से नाली टूट गई है, जिससे पानी निकल नहीं पा रही है। इससे कई दिनों से परेशानी से जूझना पड़ेगा। प्रशासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि राहगीरों के साथ मोहल्ले में रहने वाले हर दिन समस्या से जूझ रहे हैं।
-निशांत श्रीवास्तव
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पुरानी नौगढ़ पूरी तरह से विकास के मामले में उपेक्षित है। वार्ड की नाली लंबे समय से नहीं बनी है। हल्की बारिश में सड़क पर जलभराव हो जाता है। बारिश के चलते सड़क पर पानी भरा हुआ है। कई लोगों के घरों में घुस रहा है। अगर यही हाल रहा तो परेशानी और बढ़ेगी।
-यार अली अंसारी, निवासी भगत सिंह नगर पुरानी नौगढ़