बिजली बिल में हुई बढ़ोतरी सुविधाएं बदहाल
- शहरी में क्षेत्र में शामिल हुए उपभोक्ताओं से अब दो रुपये प्रति यूनिट अधिक हो रही वसूली
- जर्जर तार, बांस के खंभे व दूसरों के छत के सहारे हो रही सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में शामिल हुए नए क्षेत्रों के आठ हजार उपभोक्ताओं के बिजली बिल अब दो रुपये प्रति यूनिट अधिक वसूला जा रहा है। हालांकि उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बांस और बल्ली के सहारे आपूर्ति की जा रही है। ट्रिप होने के कारण कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के परिसीमन में डेढ़ वर्ष पूर्व आसपास के क्षेत्र के आठ हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता शहरी क्षेत्र में शामिल हुए। इन्हें पहले ग्रामीण क्षेत्र की प्रति यूनिट 3.50 रुपये की दर से बिजली बिल भुगतान करना होता था, जो अब शहरी क्षेत्र में शामिल होने के कारण बढ़कर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान देना पड़ रहा है।
वर्तमान में शहरी क्षेत्र में शामिल हुए भीमापार, थरौली, दतरंगवा, जगदीशपुर, मधुकरपुर, सनई, पकड़ी व पिपरा आदि मोहल्लों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। थरौली में नवीन मंडी के आसपास के उपभोक्ताओं को बिजली पोल दूर होने के कारण लकड़ी के खंभे के सहारे सप्लाई लेनी पड़ रही है।
उपभोक्ता राकेश, दीनानाथ, अशरफ, मोहम्मद रफीक का कहना है कि नगर पालिका विस्तार में शामिल हुए क्षेत्र के लोगों से बिजली बिल की वसूली शहरी दर पर हो रही है, लेकिन सुविधाएं नदारद है। उनका कहना है कि अभी भी जर्जर तार और बिना बिजली पोल के सप्लाई मिल रही है, जिससे पहले की तरह ट्रिप होने के कारण गुल हुई बिजली पूरी रात नहीं आती है।
अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा का कहना है कि शहर में शामिल क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है, वहां शहरी बिजली सप्लाई देने के साथ ही सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। जल्द ही जर्जर तारों और बिजली पोल की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात मिल जाएगी।
शहर में भी उपभोक्ताओं को परेशानी
पहले से ही शहरी क्षेत्र में शामिल भगत सिंह नगर मोहल्ले में बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पहले से ही शहरी होने के बावजूद यहां के उपभोक्ताओं को भी बिजली पोल की जगह लकड़ी के खंभों पर सप्लाई लेनी पड़ रही है। उनका कहना है कि बिल वसूली में देरी होने पर सप्लाई तुरंत काट दी जाती है, लेकिन सुविधा देने में बिजली निगम आनाकानी करता है।