मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के आंख की जांच करती डॉ. अदिती झुनझुनवाला। संवाद
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सिद्धार्थनगर। मौसम की मार अब बच्चों की सेहत के साथ ही आंख पर भी असर डाल रही है। आंखों में एलर्जी के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिसमें आंख का लाल होना, पानी गिरना और दर्द होने जैसी समस्या हो रही है। इसमें सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नेत्ररोग विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले माह की तुलना में मरीजों की संख्या करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौसम का असर है, जिसमें बचाव बेहद जरूरी है। आने वाले मरीजों को बचाव के साथ ही दवा भी दी जा रही है।
भीषण गर्मी, तेज धूप और उमस भरे मौसम के बीच आंखों की एलर्जी तेजी से बढ़ रही है। हालात यह है कि आंखों में खुजली, लाली, जलन और पानी आने जैसी शिकायतों वाले मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जहां पहले प्रतिदिन करीब 20-25 मरीज आंखों में एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 के आसपास पहुंच गई है। सबसे अधिक प्रभावित बच्चे हो रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि धूप से आने के बाद लगातार पसीना निकलने और गंदे हाथों से आंखें मलने के कारण संक्रमण और एलर्जी का खतरा बढ़ रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ लोगों को सतर्क रहने और आंखों की सफाई पर शेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि तेज धूप से लौटने के तुरंत बाद आंखों को हाथ लगाने से बचना चाहिए। बाहर से आने पर पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है।
यदि आंखों में जलन या खुजली महसूस हो तो साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए लेकिन बार-बार आंखों को मलने की गलती नहीं करनी चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बाद में परेशानी बढ़ जाती है।