सिद्धार्थनगर। कोई भविष्य गढ़ने के लिए अपनों से दूर गया तो कोई परिवार की माली हालत को सुधारने के लिए खाड़ी देश की ओर रुख किया। किसी ने मां और बाप और बहन की पढ़ाई के लिए छोड़ा तो किसी ने पत्नी और छोटे बच्चे और बूढ़े मां-बाप की दवा और नया घर बनाने का सपना लेकर देश छोड़ा। मगर युद्ध ने अब हालात बदल दिए हैं। कुछ कर दिखाने की सोच लेकर खाड़ी देशों में गए लोग अब वापसी के लिए बेचैन हैं। खाड़ी देशों में अपने सपने साकार करने के लिए गए लोगों की चिंता पिछले पांच दिन से चल रहे युद्ध ने बढ़ा दी है। युद्ध वाले क्षेत्र में हमले की बात और मिसाइल की आवाज सुनकर दिल और जेहन में सिहरन हो जा रही है। वहीं, घर पर उनकी बात और दास्तां सुनकर परिवार के लोग भी डर और सहमे हुए हैं। दोनों तरफ बस एक चिंता है कि परिवार सुरक्षित रहे। खाड़ी देश में फंसे छात्र, काम करने गए कामगार के परिवार के लोगों के हालात उनसे बातचीत में सामने आए हैं।
हर समय आ रही मिसाइल की आवाज, बना रहता है डर: भारतभारी। पिछले कुछ दिनों ईरान-अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध में हर कोई अपनी जगह दहशत में है। हर कोई मोबाइल पर जंग की अपडेट लेने में लगा हुआ है।
इस युद्ध के शुरू होने से अगर कोई चिंतित है तो वो इंडिया के लोग जो सऊदी, दुबई, बहरेन आदि जगहों पर काम काज करने वाले लोग हैं। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर के लोग हैं जो सऊदी अरब में काम करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
सऊदी अरब के अल कासिम में मोहम्मद अली से बातचीत में बताया की सऊदी अरब की बहुत खराब हालात है। हर समय दिन रात दहशत में कट रहा है। हर समय सायरन मिसाइल आदि की आवाज आती रहती है।
इस युद्ध के चलते कारोबार सब बहुत हल्का हो गया है। हमारा काम गैराज का है, इस समय जल्दी कोई घर से नहीं निकलता है। वहीं, सऊदी अरब के खुदरिया में हल्लौर के अमानत अब्बास ने बताया की हम मैरिज हाॅल में मैनेजर के पोस्ट पर काम करते हैं।
युद्ध के चलते घर वालों से हमेशा संपर्क करते रहते हैं घर वाले हमेशा चिंता में रहते हैं, कारोबार पर भी बहुत असर पड़ा है। कभी कभार जब इंटरनेट बंद हो जाता है, तब घबराहट और हो जाती है, हालात कुछ अच्छे नहीं अब दुआ करते है कि ये युद्ध रुक जाए।
05जेएनडी17: अंजली।
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