सिद्धार्थनगर। किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी प्रकार लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही इसकी कालाबाजारी पर भी रोक लगाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें। ये बातें डीएम संजीव रंजन ने जिले में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कहीं।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने अवगत कराया कि जनपद में थोक उर्वरक विक्रेता 19 हैं। फुटकर उर्वरक विक्रेता 1304 हैं। जनपद में 127 सहकारी समितियां हैं, 35 आईएफएफडीसी तथा 24 एग्रीजकंशन है। 1284 पॉश मशीन विक्रेताओं के पास क्रियाशील है तथा शेष बदलने की कार्रवाई चल रही है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने समस्त उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि समय से डिस्पैच आईडी थोक विक्रेता को उपलब्ध कराएं जिससे कि थोक विक्रेता द्वारा फुटकर विक्रेताओं को उपलब्ध कराया जा सके। समस्त ब्लाॅको में समान रूप से उर्वरक का आवंटन करें। जोत बही के अनुसार उर्वरक का वितरण कराने का निर्देश दिया। बार्डर से 5-10 किमी की परिधि में खाद की तस्करी को रोकने के लिए एसएसबी एवं पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बार्डर पर तस्करी करने वाले लोगो के पकड़े जाने पर उसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी को उपलब्ध कराये। इस दौरान सीडीओ जयेंद्र कुमार, उपकृषि निदेशक अरविन्द कुमार विश्वकर्मा उपस्थित रहे।