हत्या के मामले में मुंबई की जेल में बंद रहे प्रकाश को छुड़ाने के लिए जीजा ने खर्च किए थे 40 हजार
इस रकम की लगातार कर रहा था मांग, कई बार दे चुका था धमकी
बांसी कोतवाली के गुलरिहा गांव में ईंट से सिर पर प्रहार करके हुई थी युवक की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गुलरिहा गांव में ईंट से हमला करके हुए प्रकाश निषाद हत्याकांड का बांसी पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्यारोपी जीजा को दबोच लिया। जेल की रिहाई में खर्च हुए रकम की मांग से शुरू हुई अदावत में जीजा ने ही प्रकाश को मार डाला। पुलिस की पूछताछ में उसने इस बात को स्वीकार किया है। पुलिस ने पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया। यह जानकारी सीओ बांसी ने दी।
सीओ बांसी सतीशचंद्र पांडेय ने जानकारी देते हुए कोतवाली क्षेत्र के गुलरिहा गांव निवासी प्रकाश निषाद (45) गांव के पास चाय की दुकान चलाता था। रविवार सुबह दुकान में खून सनी हुई लाश मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। मृतक के भाई की तहरीर पर रिश्ते में जीजा दयाराम उर्फ दयालु पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में हत्या का केस दर्ज करके पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी में लग गई थी।
सोमवार सुबह कोतवाली बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने टीम के साथ बांसी के माधव तिराहा से आरोपी को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयोग ईंट बरामद की गई। पूछताछ में उसने बताया कि 40 हजार रुपये प्रकाश बहुत दिन से बकाया था, जिसे मांग रहा था। रुपये मांगने पर देने के बजाय विवाद कर लेता था। रुपये नहीं दे रहा था। इसलिए गुस्से में आकर ईंट से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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रिहाई की रकम के लिए शुरू हुई थी दोनों में अदावत
बताया जा रहा है कि प्रकाश छह वर्षीय बालिका की हत्या करने के मामले में जेल गया था। मुंबई की जेल में बंद था। तभी दयाराम उर्फ दयालु ने उसे जेल से बाहर निकालने में मदद की। 40 हजार रुपये खर्च किए थे। प्रकाश ने रुपये देने की बात कही थी। उसी रुपये की दयाराम मांग करता था। रुपये के लिए ही उसकी अदावत हुई। कई बार दोनों के बीच विवाद हुआ है।
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प्रकाश से बहुत कम लोग करते थे बात
ग्रामीणों की माने तो जब प्रकाश गांव आया तो उसका स्वभाव बहुत बदल चुका था। वह लोगों से लड़ जाता था। जब लोगों को जानकारी हुई की वह हत्या करके जेल काट चुका था। इसके बाद लोग उसकी बातों का जवाब देने से कतराते थे। एक प्रकार से कहें तो उससे लोग डरने लगे थे।