प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को लागू करने की मांग के समर्थन में दो सप्ताह से चल रहा डिप्लोमा इंजीनियरों का कार्य बहिष्कार खत्म हो गया और अब उनकी बेमियादी हड़ताल शुरू हो गई है।
बुधवार को हड़ताल के पहले दिन डिप्लोमा इंजीनियरों ने विभिन्न विभागों में जाकर उच्चाधिकारियों को हड़ताल की सूचना दी। अब वह कार्यालयों में ताला बंदी कराएंगे। संघ से जुड़े बिजली विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने भी 72 घंटे में समाधान न होने पर आपूर्ति ठप कर हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है।
उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले राजकीय, निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय, तकनीकी सहित 24 घटक संघों के डिप्लोमा इंजीनियर्स 18 फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं।
कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर डटे हुए हैं। कई चक्रों में वार्ता के बावजूद मांगें पूरी न होने से क्षुब्ध महासंघ ने 2 फरवरी से हड़ताल का ऐलान किया था। बुधवार को संघ के सदस्यों ने सभी विभागों में जाकर उच्चाधिकारियों को हड़ताल के बारे में लिखित सूचना दी।
संघर्ष समिति के उप चेयरमैन एबी पटेल ने बताया कि अगर अधिकारी दबाव बनाकर कहीं भी काम कराने का प्रयास करते हैं तो गुरुवार से संबंधित विभागों में तालाबंदी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि 72 घंटे में मांगों पर समुचित समाधान नहीं हुआ तो बिजली विभाग के जेई भी आंदोलन में शामिल होंगे। काम-काज ठप कर दिया जाएगा।
धरने में संघर्ष समिति के चेयरमैन इं.मुक्तेश्वर राय, इं.यादवेन्द्र यादव, इं.विनोद विश्वकर्मा, इं.जीपी गुप्ता, इं.आरके सिंह, इं.महेन्द्र कुमार, इं.वीरेन्द्र कुमार, रवीन्द्र यादव, सीपीएन सिंह, दिनेश कुमार चंद्रा, अनिरुद्ध राय, इं.सुनील कुमार भारती, आशीष कुमार, वरुण कुमार गुप्ता, आरएल सिंह, सुनील कुमार शाह, संजय कुमार, कालिका प्रसाद आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता इं.एसएन पांडेय व संचालन इं.उमेश चंद्र राम ने किया।