सिद्धार्थनगर/ खुनुवां। नेपाल और भारतीय सुरक्षा संगठनों के समन्वय से दोनों देशों की सीमाओं पर दसगजा में हुए अतिक्रमण को खाली कराने का काम जारी है। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता राजेंद्र खड़का ने बताया कि सशस्त्र पुलिस और भारतीय सशस्त्र बल के समन्वय से 38 स्थानों पर 556 घरों को हटा दिया गया है और लगभग 17 किलोमीटर दसगजा को खाली करा लिया गया है।
शनिवार देर शाम सशस्त्र पुलिस बल नेपाल की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता खड़का ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दसगजा क्षेत्र में 18 भौतिक संरचनाओं के निर्माण और 26 स्थानों पर 13.32 बीघे क्षेत्र में खेती पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उस दौरान जानकारी दी गई थी कि करीब 173 किलोमीटर के दसगजा इलाके में 161 जगहों पर सफाई की गई है। बल के अनुसार, दोनों देशों की सीमा को प्रबंधित करने के लिए सीमा चौकियों के निर्माण, रखरखाव और पुनर्वास से संबंधित मानक बनाकर अब तक 1.800 से अधिक सीमा चौकियों की मरम्मत की जा चुकी है। सम संख्या वाले सीमा स्तंभ का निर्माण भारत की ओर से किया जा रहा है। वर्तमान में सीमा सुरक्षा के लिए नेपाल सशस्त्र पुलिस बल की 253 चौकियां स्थापित की गई हैं। सीमा विशेषज्ञ बुद्धिनारायण श्रेष्ठ के मुताबिक नेपाल और भारत के बीच 1.880 किमी लंबी सीमा है। हालांकि दोनों देशों के सीमा क्षेत्रों में 8.553 बड़ी, मध्यम और छोटी सीमा चौकियां हैं। भारत में अंग्रेजों के समय में नेपाल और भारत के बीच 916 बड़े पत्थर के खंभे गाड़े गए थे। वह सीमा स्तम्भ सात फीट ऊंचा और साढ़े सात फिट गोल है।
बड़े-बड़े सीमा स्तम्भ तीन से पांच मील की दूरी पर गाड़े जाते थे और बाद में स्तम्भों के बीच एक से तीन मध्यवर्ती स्तंभ होते हैं। मध्य स्तंभों के बीच दो से तीन छोटे स्तंभ लगे हुए हैं। सरकार ने हाल ही में सीमा सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस की उपस्थिति बढ़ाते हुए 25 सीमा सुरक्षा चौकियां जोड़ी हैं। सीमा सुरक्षा में लगी इकाइयों की कमान शृंखला को मजबूत करने और अधिक कुशल संचालन के लिए उपाधीक्षक के नेतृत्व में 45 सीमा चौकियां स्थापित की गई हैं।
सशस्त्र पुलिस बल और भारतीय सशस्त्र सीमा बल के बीच संयुक्त सीमा गश्त के क्रम में समन्वय और सहयोग बढ़ाने के लिए मैत्रीपूर्ण खेल और समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। प्रवक्ता खड़का ने यह भी बताया कि नेपाल-भारत और नेपाल-चीन सीमा पर सीमा स्तंभों का विस्तृत विवरण जीआईएस तकनीक का उपयोग करके स्थापित किया जा रहा है। राज्य की एक विश्वसनीय सुरक्षा एजेंसी के रूप में संगठन शांति और व्यवस्था, मानवाधिकारों का सम्मान और कानूनी व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है।