सिद्धार्थनगर। शहर से सटे पकड़ी चौराहे पर बृहस्पतिवार को टेंपो पर ट्रक के पलटने से एक की जान चली गई। जबकि पांच लोग घायल हो गए। हादसे की वजह चौराहे का बेहिसाब अतिक्रमण और ऊंची नीची सड़क को बताया जा रहा है। इसकी वजह से आए दिन वाहन टकराते रहते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने शहर का अतिक्रमण हटवाया, अगर यहां भी अभियान चलाया होता तो शायद यह घटना नहीं होती।
शहर से तीन किलोमीटर दूर एनएच-गोरखपुर-नौगढ़ मार्ग पर स्थित पकड़ी चौराहे पर बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। तीन वर्ष पहले यह चौराहा ग्रामीण से शहर का रूप ले लिया। नगर पालिका सिद्धार्थनगर का विस्तार हुआ तो यह क्षेत्र नगर के अहम हिस्से में आ गया। शहर का दर्जा मिलने के बाद विकास की रफ्तार ने छलांग लगाई औैर बड़ी-बड़ी दुकानें खुलने लगी। लेकिन यहां की अवस्थाओं में सुधार के लिए प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं हुआ हैै। यहां की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है। हर साल कई लोगों की यहां जान जाती है, जैसा कि स्थानीय लोग बताते हैं। बृहस्पतिवार ट्रक के टेंपो पर पलटने की घटना के पीछे सबसे बड़ी वजह बेहिसाब अतिक्रमण औैर ऊंची-नीची सड़क का होना प्रमुख वजह बताया गया है।
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हादसे की प्रमुख वजह
- नौगढ़-गोरखपुर मार्ग पर स्थित पकड़ी चौराहा पूरी तरह से अतिक्रमण की गिरफ्त में है। जोगिया से आने वाले वाहन पकड़ी चौराहे से मुड़ते हैं। जहां से गोरखपुर की ओर से मुड़ना है, वहीं सड़क से सटकर बिजली का पोल लगा है। इसके साथ ही कई लोग अवैध रूप से कब्जा जमाकर कारोबार कर रहे हैं। अतिक्रमण के कारण बड़े वाहन सीधे सड़क को पार करते हैं।
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- सड़क के दूसरे छोर पर नगर पालिका की ओर से वॉटर कूलर और यात्री प्रतीक्षालय के लिए बेंच लगा दिया है, जो सड़क से सटा है और मोड़ पर है। इसकी वजह से बड़े वाहन जो लोडिंग करके चलते हैं उनका पहिया एक तरफ उठने लगता है। ऐसे में हादसा का होने खतरा बढ़ जाता है।
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- जोगिया मार्ग लगभग ढाई फीट ऊंची है तो मुख्य मार्ग उत्तर दिशा में नीचे है। जिसकी वजह से मुड़ते समय बड़े और लोडिंग वाले वाहनों का पहिया उठ जाता है। जिसकी वजह से पलटने का डर रहता है। जैसा की बृहस्पतिवार को हुआ और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया।
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-जोगिया-पकड़ी मार्ग पर सड़क से सटा हुआ बिजली का पोल है और उस पर होर्डिंंग के साथ ही लोग दुकान लगा रखे हैं। ऐसे में चाहते हुए बड़े वाहन वाले सही से नहीं मुड़ पाते हैं। कभी-कभी पोल से वाहन सट जाते हैं। गोरखपुर और नौगढ़ वाले वाहनों को अगर एकाएक मुड़ना होता है तो उन्हें दिखाई नहीं देता है। वहीं, गोरखपुर की ओर से जोगिया की तरफ मुड़ने वाले सटे दुकान और पोल से सट जाते हैं।
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जहां हुआ हादसा, सिकुड़ गई है सड़क
गोरखपुर-नौगढ़ की चौड़ाई सात मीटर है। इसके बाद सड़क की पटरी है। लेकिन मौजूदा समय में सड़क की पटरी दोनों तरफ गायब हो चुकी है। सड़क सिकुड़कर 15-18 फीट पर आकर सिमट गई है। ऐसे में अगर एक साथ दो बड़े वाहन आ जाते हैं तो निकलने में कठिनाई होती है। कई बार एक-दूसरे से सट जाने पर विवाद भी हो जाता है।
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चौराहा नगर पालिका में आया तो लगा कि अब सबकुछ सही और व्यवस्थित हो जाएगा। लेकिन तीन साल में सड़क पर हुआ अतिक्रमण तक प्रशासन ने नहीं हटवा सका है।
-मनोज पांडेय, स्थानीय निवासी
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चौराहे पर बाहरी लोगों के अलावा क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोग बाजार के लिए आते-जाते हैं। इसलिए हमेशा भीड़ रहती है। खराब सड़क और अवैध कब्जे के कारण जाम और हादसे की स्थिति बनी है।
-तनय त्रिपाठी
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सड़क से एक से ढाई फीट नीचे ढलान है। हर तरफ से आने के बाद लोडिंग वाले वाहन एक तरफ झुक जाते हैं। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। सड़क हर साल रिपेयरिंग होती है, लेकिन यह कभी ऊंची नहीं की गई।
-राजकुमार
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अतिक्रमण हटाया जाए तो वैसे ही हादसे कम हो जाएंगे। हर साल यहां हादसा होता है। लेकिन इसे रोकने के लिए जिम्मेदारों की ओर से काई ठोस उपाय नहीं किया जाता है।
-पप्पू शुक्ला
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अतिक्रमण से यहां पर भी हादसे का डर
सिद्धार्थनगर कस्बे की खजुरिया रोड रोड की गिनती शहर के लाइफ लाइन के रूप में किया जाता है। लेकिन यह मार्ग पूरी तरह से अतिक्रमण की जद में हैं। इस वजह से वाहन अकसर टकरा जाते हैं। इसी प्रकार सबसे भीड़भाड़ वाला मार्ग स्टेशन रोड है। इस मार्ग पर रोडवेज की बस भी हर आधे घंटे पर गुजरती है। मार्ग पूरी तरह से जाम की आगोश में हैं। अगर यहां दुर्घटना हो जाए तो न जाने कितने लोगों को हानि पहुंचेगी।
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पकड़ी चौराहे पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द ही नगर पालिका के साथ अभियान चलाया जाएगा। अवैध कब्जा करके कोई भी आवागमन बाधित नहीं कर सकता है। ऐसा करने वालों को चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम सदर