सिद्धार्थनगर। विवाद के कारण शहर के खजुरिया मार्ग के प्रवेश द्वार पर छूट गए अतिक्रमण को बुधवार को प्रशासन ने बुलडोजर से हटवा दिया। एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्र के नेतृत्व में तहसील प्रशासन ने अवशेष बचे एक संपूर्ण मकान एवं पांच अन्य मकानों को हटाया।
अतिक्रमण हटने के बाद खजुरिया मार्ग पर सड़क एवं नाली निर्माण की बाधा दूर हो गयी है। नगर पालिका छह करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क के चौड़ीकरण एवं किनारे पर नाली निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर चुका है। जल्द ही इस पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
शहर के खजुरिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं सड़क किनारे नाली निर्माण के लिए तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन ने तीन माह पूर्व बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। इसके बाद भी मार्ग के प्रवेश द्वार पर कुछ मकानों के अतिक्रमण अवशेष रह गए थे। मंगलवार को राजस्व टीम ने दक्षिण तरफ शहर के राजस्व ग्राम बेलसड़ व तेतरी सीमा से और उत्तर तरफ रेलवे लाइन से पैमाइश कर सीमांकन किया था।
बुधवार को एसडीएम नौगढ़, सीओ सदर अरूण कांत सिंह व तहसीलदार डॉ. संतराज की मौजूदगी में खजुरिया मार्ग के प्रवेश द्वार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गयी। एक मकान का संपूर्ण हिस्सा व अतिक्रमण पाए गए पांच अन्य मकानों के अग्रिम भाग ध्वस्त कर दिए गए।
इस दौरान नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, कानूनगो शीतल प्रसाद द्विवेदी, लेखपाल सुधीर श्रीवास्तव, कृष्णानंद चौधरी, कमलेश व रवि पांडेय मौजूद रहे।
प्रवेश द्वार पर है 14 मीटर चौड़ाई : शहर के डेढ़ किमी लंबे खजुरिया मार्ग के प्रवेश द्वार पर सड़क की चौड़ाई 14 मीटर है। तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन की तरफ से किए गए पैमाइश के तहत अंदर की सड़क 13 मीटर चौड़ी करने के लिए बीच सड़क से दोनों तरफ 6.5-6.5 मीटर पर अतिक्रमण चिह्नित कर हटवाने की कार्रवाई की गयी थी।
नगर पालिका की तरफ से इस सड़क को सात मीटर चौड़ी बनाने के साथ किनारे पर नालियों का निर्माण होगा। इसके लिए शासन को छह करोड़ रुपये की कार्ययोजना भेजी गयी थी। जिसमें 2.5 करोड़ रुपये अवमुक्त होने के बाद इस मार्ग का निर्माण शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।