सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक से जुड़े मामलों के अधिक से अधिक निस्तारण के लिए बैंक अधिकारियों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित प्री-ट्रायल बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ ऋण वसूली और समझौते योग्य मामलों को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों से ऐसे मामलों को चिह्नित करने को कहा गया, जिनका निस्तारण आपसी सहमति से लोक अदालत में कराया जा सकता है।
बैठक में जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय ने बैंक अधिकारियों से कहा कि 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले बैंक स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा कर ली जाए। संबंधित खाताधारकों से संपर्क कर उन्हें लोक अदालत में समझौते के माध्यम से मामले के निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाए। इससे बैंक को भी लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और खाताधारक को समय व खर्च की बचत के साथ विवाद का समाधान मिल सकेगा।
बैठक में पीएनबी के मैनेजर शिखर, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर अमित कुमार चतुर्वेदी, यूपी ग्रामीण बैंक के मो. मुमताज, केनरा बैंक के सुनील रावत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अभिषेक कुमार शर्मा, एचडीएफसी बैंक के मो. खालिद, इंडियन बैंक के वेद प्रकाश, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सर्वेश तिवारी तथा सोनाटा फाइनेंस के सूरज कुमार यादव समेत बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।