डुमरियागंज। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से हर कोई बेहाल है। इसी बीच शहर से लेकर गांवों तक हो रही बिजली कटौती लोगों के लिए और मुसीबत बनी हुई है। लोग बिजली बिना गर्मी और उमस के बीच हाथ का पंखा और कृत्रिम साधनों का प्रयोग करके राहत पाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से दिन और रात दोनों समय बिजली की कटौती बढ़ जाने से जनमानस परेशान है। लोगों ने कटौती पर अंकुश लगाने की मांग की है। डुमरियागंज नगर और ग्रामीण क्षेत्र में कहने के लिए इस समय दिन रात दोनों 18 से 20 घंटा आपूर्ति का शेड्यूल लागू है। लेकिन पिछले एक सप्ताह से सुबह 10 बजे के बाद बिजली जो गुल होती है, वह शाम को ही दर्शन देती है। बीच-बीच में एक-दो बार बिजली आती भी है तो थोड़ी देर के बाद फिर कट जाती है। बिजली की आंख मिचौली से भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते लोग परेशान हैं। यह समस्या ग्रामीण क्षेत्र की नहीं बल्कि नगर क्षेत्र में भी गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ने लगी है। डुमरियागंज नगर निवासी रवि अग्रहरि, सुनील उर्फ परमात्मा, तफैल अहमद, विशाल आदि का कहना है कि अब तो बिजली विभाग के पास गेहूं की फसल का बहाना भी नहीं है। पहले विभाग के लोग यह कहकर आपूर्ति बंद कर देते थे की कहीं हवा चलने पर ढीले और पुराने विद्युत तार आपस में स्पार्किंग होने के चलते गेहूं की फसल ना जल जाए। लेकिन अब गेहूं की फसल की कटाई हुए डेढ़ महीना भी चुका है। फिर भी दिन में बिजली कटौती अभी भी बदस्तूर जारी है। इसमें सुधार करने की जरूरत है। इस संबंध में एसडीओ विद्युत डुमरियागंज बबलू चौधरी ने बताया कि बिजली की कटौती स्थानीय स्तर पर नहीं होती है। ऊपर से कटौती होती है निर्धारित शेड्यूल के तहत आपूर्ति की जा रही है। कभी कभार लोकल फाल्ट होने पर ही आपूर्ति बाधित होती है। व्यवस्था को सुचारू बनाने का प्रयास किया जा रहा है।