10 साल तक ठप थी आपूर्ति, बिल आया 50 हजार
टीकर टोले में 10 साल पहले आंधी में गिर गया था बिजली का पोल
लोगों ने तहसीलदार से शिकायत की, ढेबरुआ उपकेंद्र की ग्रामसभा खैरी शीतल प्रसाद का मामला
गुस्साए लोगों ने मई 2016 कनेक्शन काटने के लिए भी किया था आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
परसा। जनता के शासन में जनता कितनी परेशान है यह जानना है तो चले आइए ग्रामसभा खैरी शीतल प्रसाद के टीकर टोले में। ढेबरुआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े इस टोले में दस साल पहले आंधी में पोल गिर गया था। शिकायतों के बाद भी अफसरों ने लोगों की बात न सुनी।
गुस्साए लोगों ने मार्च 2016 में कनेक्शन काटने के लिए आवेदन कर दिया। यह बात भी नहीं सुनी गई। करीब डेढ़ माह पूर्व पोल लगाकर आपूर्ति शुरू की गई। अब लोगों के विद्युत निगम का बिल तो लोग हैरत में पड़ गए। किसी के नाम 50 हजार तो किसी के नाम 30, 35 हजार का बिल है। जब लोगों को कुछ समझ नहीं आया तो शुक्रवार को लोगों ने शोहरतगढ़ के तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्या बताई और निदान की मांग की। तहसीलदार ने कहा कि निगम के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
लालमन, पुजारी, राजेंद्र, संतगुलाम, मुसाफिर, भागीरथी, मुनीजर, रामलाल, नेमचंद, सुराती, घनश्याम, विजय सिंह, रामसिंह ने बताया कि 10 वर्षों में कई बार विभागीय अधिकारियों से बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की गई, लेकिन हर बार निराश होना पड़ा। बिजली न मिलने के कारण हम लोगों ने मार्च 2016 में अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर कनेक्शन काटने का निवेदन किया था। 2017 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी सामूहिक रूप से किया गया था। इसके बाद भी केवल आश्वासन मिला। बिजली मिलने के बाद ही 10 साल का बिल भेज दिया गया। पचास हजार तक का बिल भेजने से उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।