सिद्धार्थनगर। परिषदीय विद्यालय की तरह से माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय में बच्चों के अधिक से अधिक प्रवेश पर जोर दिया जाएगा। इसमें नजदीक के जूनियर हाईस्कूल से आठवीं पास करने वाले बच्चों को इंटर कॉलेज में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके पीछे मंशा है कि कोई भी बच्चा बीच में ही नहीं पढ़ाई छोड़े और इंटरमीडिएट तक की शिक्षा हासिल कर सके।
सरकार हर बच्चा पढ़ाई कर सके। इसके लिए विद्यालयों में सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही प्रवेश पर जोर दे रही है। कोई बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े और आगे की पढ़ाई करके सके। इसके परिषदीय विद्यालय में अभियान चलाती है। ठीक उसी प्रकार से माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय में भी प्रवेश पर जोर है। इसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय से आठवीं पास करने वाले बच्चों को कक्षा नौ में प्रवेश के लिए जागरूक किया जाएगा। इसमें नजदीक के इंटर कॉलेज में प्रवेश दिलाने पर जोर दिया जाएगा। शासन स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत इंटर कॉलेजों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अभियान चलाकर जूनियर हाई स्कूल से पास होने वाले प्रत्येक बच्चे का अपने यहां दाखिला सुनिश्चित करें।
इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा आर्थिक, सामाजिक या जागरूकता के अभाव में आगे की पढ़ाई से वंचित न रह जाए। इसके तहत इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को अपने नजदीकी जूनियर हाईस्कूलों से संपर्क स्थापित कर आठवीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची प्राप्त करनी होगी और उनके अभिभावकों से मिलकर उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करना होगा। शिक्षक अभिभावकों को विद्यालय की सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे, जिससे वे अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए प्रेरित हों। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रवेश प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रहे ताकि किसी भी प्रकार की बाधा बच्चों के नामांकन में न आए। जनपद में राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन के 200 से अधिक माध्यमिक शिक्षा परिषद के 200 से अधिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें नामांकन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रवेश पर विशेष जोर दिया जा रहा है।