1,90,490 मतदाताओं के भौतिक सत्यापन कर 14,099 का नाम सूची से हटाया गया
निचलौल ब्लॉक में सर्वाधिक 85,361 संभावित डुप्लिकेट मतदाता चिह्नित
महराजगंज। जिले में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से मतदाता सूची के शुद्धिकरण का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में कुल 7,93,464 डुप्लिकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इन सभी का घर-घर जाकर सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक 1,90,490 मतदाताओं का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इनमें से 1,76,391 मतदाता वैध पाए गए हैं, जबकि 14,099 नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, निचलौल ब्लॉक में सर्वाधिक 85,361 संभावित डुप्लिकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। घुघुली ब्लॉक में 79,405, नौतनवा में 79,042, मिठौरा में 78,271, सदर में 69,798, पनियरा में 66,548, फरेंदा में 65,331, लक्ष्मीपुर में 65,079, बृजमनगंज में 63,450, परतावल में 63,408 और सिसवा में 51,322 संभावित डुप्लिकेट मतदाता दर्ज किए गए हैं। धानी ब्लॉक में सबसे कम 26,449 संभावित डुप्लिकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इन सभी ब्लॉकों में बीएलओ द्वारा तेजी से सत्यापन किया जा रहा है। जनपद में कुल 12 विकास खंड, चार तहसील और 882 ग्राम पंचायतें हैं।
प्रशासन ने डुप्लिकेट मतदाताओं के सत्यापन का काम 20 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। तय समय में सत्यापन पूरा करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। वर्तमान में पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य जारी है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम संभावित रूप से दो स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं, उनके नाम के साथ आधार संख्या के अंतिम चार अंक अंकित किए जा रहे हैं, ताकि दोहरी प्रविष्टियों को हटाया जा सके। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 16 मार्च तक मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद 17 से 27 मार्च तक मतदाता सूची की डाउनलोडिंग की प्रक्रिया संपन्न होगी। 28 मार्च को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे हैं भौतिक सत्यापन
निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले के सभी विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में तैनात बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान आधार कार्ड के अंतिम चार अंकों और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से मतदाताओं की पहचान की जा रही है। बीएलओ मतदाताओं से संपर्क कर उनका नाम, आयु, पता और अन्य विवरण का मिलान कर रहे हैं। यदि संबंधित मतदाता घर पर नहीं मिलता है या दी गई जानकारी संदिग्ध प्रतीत होती है, तो ऐसे मामलों को तत्काल सुपरवाइजर और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जा रहा है।
प्रशासन और सुपरवाइजरों की कड़ी निगरानी
सत्यापन अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारी और सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी प्रतिदिन बीएलओ द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं जिला निर्वाचन कार्यालय से भी प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट तलब की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर ढिलाई पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
आम नागरिकों से अपील है कि वे सत्यापन अभियान में पूर्ण सहयोग करें। जब बीएलओ सत्यापन के लिए घर पहुंचे तो मतदाता अपने पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराएं और सही जानकारी दें। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।
-संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी