कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय उसका बाजार में गुरुवार को शैक्षणिक उन्नयन संगोष्ठी व सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से हुई।
मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक हितों के लिए वे सदैव कार्य करते रहेंगे। पहले के समय सरकारी विद्यालयों में संसाधनों की कमी थी और शिक्षक भी काफी कम थे। अब शिक्षकों की संख्या भी पर्याप्त है और भरपूर संसाधन भी मिल रहे हैं। ऐसे में शिक्षक समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करें, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
समाज के हर तबके की नजर शिक्षक समाज पर है और उनके कार्यों का आकलन किया जा रहा है। हमारा दायित्व बनता है कि हम अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करें और बच्चों को उचित शिक्षा देने की हर संभव कोशिश में लग जाएं। विशिष्ट अतिथि बीएसए अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस जिले में तैनाती के समय उन्हें जानकारी मिली थी कि शिक्षा के मामले में यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है और शिक्षक विद्यालयों में नहीं जाते हैं।
यहां आने के बाद पता चला कि स्थिति उतनी खराब नहीं है जितनी बताई गई है। जो कमियां सामने आईं उन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है। नियमित निरीक्षण कर पठन-पाठन की व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश की गई, जिसका बेहतर परिणाम निकला। अब कोई स्कूल बंद नहीं है और शिक्षक भी समय से विद्यालयों पर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएं, उनका कोई काम रुकने नहीं पाएगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि पहले के समय में शिक्षकों को हेय दृष्टि से देखा जाता था। संघर्षों की बदौलत शिक्षकों ने अपना सम्मान हासिल किया और केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सुविधा पाने लगे। शिक्षकों पर उंगली उठाने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि शिक्षा एक सतत प्रक्रिया है उसका आकलन एक दो साल में नहीं किया जा सकता।
संगठन पर उंगली उठाने वाले को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संघर्षों के ही बदौलत शिक्षकों को अधिकार मिला है। शिक्षकों को अपने कर्तव्यों के साथ अपने अधिकारों के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए और उसके लिए संघर्ष की राह कभी नहीं छोड़नी चाहिए। जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कहा कि जिले के विद्यालयों में पठन पाठन ठीक ढंग से चल रहा है। एमडीएम को लेकर कई जगह शिकायते हैं कि गलत संख्या चढ़ाई जा रही है।
ऐसे शिक्षकों से अनुरोध है कि वे यह काम छोड़ दें क्योंकि उनकी हरकत से पूरे शिक्षक समाज का नुकसान हो रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीराम मिश्र ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह अपने ज्ञान के जरिए पूरे जीवन समाज को दिशा देनें का कार्य करता है।
इससे पूर्व अतिथियों ने सेवानिवृत्त शिक्षक सरबत्ता देवी, सरला पांडेय, रामप्रीत, वासुदेव, कृष्णदेव प्रसाद, माधव प्रसाद व हरिराम प्रसाद को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुंजलता कुलश्रेष्ठ व अभय श्रीवास्तव ने किया।
इस दौरान राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका गंगा देवी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम प्रकाश मिश्र, चंद्रमणि पांडेय, उदयभान मिश्र, अरुण सिंह, अन िल त्रिपाठी, करुणेश मौर्य, सुभाष चंद्र, कृपाशंकर पांडेय, हरिशंकर सिंह, सत्यभामा देवी, शिवाकांत दुबे, जटाशंकर चौबे, नीलेश त्रिपाठी, पूनम सिंह, प्रतिभा सिंह, मनोरमा, दिनेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।