मेडिकल कालेज के ओपीडी में बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी लेते चर्म रोग विशेषज्ञ डॉॅ. अरफुल खान।
सिद्धार्थनगर। दिन में तेज धूप और रात में ठंड के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। इससे त्वचा के रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों एक्जिमा, सोरायसिस, खुजली और दाद के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। निजी चिकित्सकों के क्लीनिक पर भी ऐसे मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक त्वचा रोगी आ रहे हैं, जिनमें 30 से 35 मरीज एक्जिमा और सोरायसिस के होते हैं। बीते पखवाड़े से दिन में गर्मी और रात में ठंड पड़ने के कारण तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि इस मौसम में त्वचा की उचित देखभाल न करने पर एक्जिमा और सोरायसिस की समस्या गंभीर हो सकती है।
एक्जिमा में त्वचा पर लाल मोटे धब्बे उभर आते हैं, जिन पर सफेद पपड़ियां जम जाती हैं और तेज खुजली होती है। खुजलाने पर त्वचा से खून भी निकल सकता है और त्वचा काली और सूखी पड़ने लगती है। मंगलवार को ओपीडी में लोटन क्षेत्र से आई गुड़िया पांडेय ने बताया कि घुटनों के नीचे दोनों पैरों पर लाल दाने हो गए थे। जांच के बाद चिकित्सक ने इसे सोरायसिस बताया और दवा के साथ जांच लिखी।
वहीं बढ़नी क्षेत्र से आए अनवर ने बताया कि पिछले एक माह से त्वचा सूखी और काली पड़ रही थी। स्थानीय स्तर पर इलाज से लाभ नहीं मिला। मेडिकल कॉलेज में दिखाने पर चिकित्सक ने इसे एक्जिमा बताया और लंबा उपचार चलने की बात कही। डॉ. अरफुल खान ने बताया कि इन दिनों प्रतिदिन 30 से 35 एक्जिमा के मरीज आ रहे हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। इसके अलावा डेंड्रफ और फंगल संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मेडिकल कालेज के ओपीडी में बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी लेते चर्म रोग विशेषज्ञ डॉॅ. अरफुल खान।