- सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पढ़ी गई नमाज
- घर से फोन के जरिए एक-दूसरे को दी मुबारकबाद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। मई की प्रंचड गर्मी और कोरोना के खतरे के बीच लॉकडाउन की वजह से धार्मिक स्थलों पर पांबदी के कारण घरों में ही फिजिकल और सोशल डिस्टेंस का पालन कर नमाज अदा की गई। बाद में एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। सभी ने अल्लाहताला से कोरोना की बीमारी से निजात की दुआ भी मांगी।
ईद का त्यौहार खासकर बच्चों के लिए काफी एक्साइटमेंट लेकर लेकर आता था, पर इस बार कोरोना वायरस के कारण सभी बच्चों ने अपने-अपने घर में ही ईद का त्यौहार मनाया। भलेही सामाजिक तौर पर एक-दूसरे से दूर रहे, लेकिन तकनीक ने फासलों को कम कर दिया। घरों में ही इबादत करने के बाद अधिकांश ने वीडियोकाल के जरिए एक-दूसरे का हाल जाना और ईद की मुबारकबाद दी। हल्लौर प्रतिनिधि के मुताबिक ईद उल फितर की नमाज घरों में अदा की गई ऐसा 1400 साल में पहली बार हुआ है। जाकिरे अहले बैत जमाल हैदर ने कहा ऐसा कभी नहीं हुआ कि नमाज मस्जिद, ईदगाहों में न होकर घरों में अदा की गई। ईद की खुशियां अब वो नहीं रही जिसका अहसास होता था। सोमवार को ईद की नमाज की बजाए चाश्त व शुकराने की नमाज लोगों ने घरों में अदा की है। मौलान जामामस्जिद मो. हसन ने कहा कि कहीं भी ईदगाह और मस्जिदों में नमाज पढ़ने लोग नहीं पहुंचे। कोरोना के चलते गले मिलने की बजाए हाथ जोड़कर दिल पर हाथ रखकर पांच फिट की दूरी बनाकर एक दूसरे को मुबारकबाद दिया। सोशल मीडिया के जरिए लोगों ने ईद की मुबारकबाद दी।