जयकारे के बीच दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
कोरोना काल में दशहरा फीका रहा, मेले पर असर
अलग-अलग दिनों में विसर्जित हुई दुर्गा प्रतिमाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्रि की समाप्ति के बाद दशहरे की धूम रही। रविवार और सोमवार को धूमधाम के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कोरोना काल में दुर्गा प्रतिमाओं के पंडाल की संख्या कम रही। इसके बाद भी छोटे आकार में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नजदीक के छोटी-बड़ी नदियों में जयकारे के साथ विसर्जित किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नदी तटों पर गोताखोर भी लगाए गए थे। डीएम दीपक मीणा, एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने भ्रमण कर विसर्जन की स्थिति का जायजा लिया।
इस बार प्रतिमा विसर्जन अलग-अलग दिनों में हुए। रविवार और सोमवार को संपन्न दुर्गा प्रतिमा विसर्जन बड़ी धूमधाम से किया गया। जयकारे के बीच अगले बरस फिर आशीर्वाद देने का अनुरोध किया गया। शहर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कम संख्या में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन दौरान डीजे पर प्रतिबंध के बाद वाहनों पर प्रतिमाओं को सजाकर गाजे-बाजे के साथ जुलूस की शक्ल में ले जाया गया। वैदिक मंत्र और रीति-रिवाज से प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। बांसी प्रतिनिधि के मुताबिक राप्ती नदी तट पर बनाए गये अस्थायी तालाब में रविवार और सोमवार को मां दुर्गा के जयकारे के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। घाट पर नगरपालिका ने प्रतिमा विसर्जन के लिए अस्थायी तालाब के साथ साथ रास्ता, पथ प्रकाश, नदी पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। एसडीएम जगप्रवेश, तहसीलदार अरुण वर्मा, नपा अध्यक्ष मो. इद्रीश पटवारी, ईओ अरविंद कुमार, कोतवाल शैलेश सिंह, पुलिस बल के साथ मौजूद थे। डुमरियागंज प्रतिनिधि के मुताबिक मां दुर्गा की आरती के बाद मूर्ति को वाहनों पर लाद मां के जयकारे लगाते हुए गांवों से निकल तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। इसके अलावा नगर पंचायत में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को कतारबद्ध कर सभी गाड़ियों को तेलियाना मुहल्ले से घुमाते हुए रोडवेज होकर मंदिर चौराहे पर पहुंचीं। रात करीब 7:30 बजे मंदिर चौराहे पर स्थित श्री लक्ष्मी नरायण मंदिर के सामने श्रद्धालुओं ने पंचायमती माता मंदिर पर स्थापित मां दुर्गा की भव्य आरती की। ग्रामीण क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन किया गया। मधुसूदन अग्रहरि, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, राजू श्रीवास्तव, लवकुश ओझा, राजेश द्विवेदी, कमलेश चौरसिया, सच्चिदानंद पांडेय, सैय्यदा खातून, रामकुमार यादव मौजूद रहे।