सिद्धार्थनगर/बढ़नी। शनिवार देर रात करीब एक बजे आई तेज आंधी और हल्की बूंदाबांदी से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा चली।
इससे कई स्थानों पर बिजली की लाइनों में फॉल्ट हो गया, जिससे पहले आपूर्ति बाधित हुई और बाद में पूरी तरह ठप हो गई। नतीजतन, लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
आंधी के शुरुआती दौर में बिजली ट्रिपिंग के साथ आती-जाती रही, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ती चली गई और आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। कई इलाकों में देर रात से लेकर रविवार सुबह तक बिजली गुल रही। नौगढ़ में आधे शहर में रात एक बजे कटी बिजली सुबह सात बजे आई। वहीं, बढ़नी क्षेत्र में करीब 12 घंटे बाद सुबह लगभग नौ बजे आपूर्ति बहाल हो सकी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली न रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हुई। पंखे और कूलर बंद होने से उमस भरी गर्मी में लोगों की रात बेचैनी में बीती। मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो सके, जिससे संपर्क में भी दिक्कतें आईं। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और रातभर पेट्रोलिंग कर फॉल्ट तलाशने में जुटी रहीं। कर्मचारियों ने अलग-अलग स्थानों पर लाइन की जांच की, जहां तार टूटने और अन्य तकनीकी खराबियां सामने आईं।
टीम ने अथक प्रयास करते हुए खराबी को दुरुस्त किया, जिसके बाद रविवार सुबह आपूर्ति सुचारु हो सकी। उधर, कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है।
सापेक्षिक आर्द्रता 91 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे उमस में और इजाफा हुआ। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार अगले 24 घंटों में आंशिक बादल छाए रहने और हवा के सामान्य से तेज गति से चलने का अनुमान है, हालांकि बारिश की संभावना नहीं है।
आंधी-बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता : तेज आंधी और हल्की बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार है और कटाई का काम तेजी से चल रहा है।
ऐसे में अचानक आई तेज हवा और बूंदाबांदी से फसल गिरने (लॉजिंग) का खतरा बढ़ गया है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि कई जगहों पर तेज हवा के कारण गेहूं की बालियां झुक गई हैं, जिससे कटाई में दिक्कत आएगी और दाना भी कमजोर हो सकता है। जिन किसानों ने अभी तक कटाई नहीं कराई है, वे मौसम के बदलते मिजाज को लेकर चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. बीआर मौर्य ने बताया कि किसान मौसम को देखते हुए जल्द से जल्द कटाई पूरी करें और सुरक्षित स्थान पर भंडारण की व्यवस्था करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।