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अधूरी छोड़ दी नहर, 100 बीघा फसल जलमग्न

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अधूरी छोड़ दी नहर, 100 बीघा फसल जलमग्न
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तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के धनौरा मुस्तकहम गांव के राप्ती नहर और कैंपियरगंज बैराज के बीच नहर खुदाई नहीं होने से खेतों में जलभराव हो रहा है। राप्ती नहर का फाटक खुलने के बाद किसानों की 104 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। यहां के 27 किसानों को व्यापक क्षति हुई है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
धनौरा मुस्तकहम में सरयू नहर परियोजना के तहत राप्ती नहर मुख्य नहर का निर्माण कराया गया है, जो राजस्व गांव धनौरा एहतमाली में समाप्त हो जाती है। यहां एक फाटक का निर्माण कराया गया है। उससे कुछ दूरी पर कैंपियरगंज शाखा का बैराज बना हुआ है। सरयू नहर का पानी कैंपियरगंज बैराज से होकर निकलेगा। सरयू नहर व कैंपियरगंज बैराज के बीच नहर की खुदाई नहीं हुई है। बैराज का फाटक खोलने से आसपास की सैकड़ों बीघे की फसल नष्ट हो जाती है। किसान कौशल किशोर, मुनीराम चौधरी, अशोक कुमार, राकेश कुमार, अब्दुल मन्नान, उमर, नजीर, नसीर ने बताया कि हम लोगों ने फाटक न बनाकर साइफन बनाने की मांग की थी, लेकिन जिम्मेदारों ने मुआवजे का आश्वासन देकर फाटक बना दिया और मुआवजा आज तक नहीं दिया।
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बोले जिम्मेदार
जमीन अधिग्रहण का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। दोनों बैराज के बीच नाले के नाम जमीन है। पानी सूखे तो दोनों बैराजों के बीच खुदाई कराकर पानी निकाल दिया जाएगा। -विभूति नारायण सिंह, एसडीओ सरयू नहर परियोजना बांसी खंड द्वितीय
विधायक ने मौके का जायजा लिया
विधायक विनय वर्मा ने बताया कि किसानों की शिकायत पर उन्होंने बुधवार को मौके का जायजा लिया है। इनके सभी कागजात का अवलोकन कराया जा रहा है। इस संबंध में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह से भी बात करूंगा। किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों की क्षति हो रही है।
सिल्ट से खेत में हुआ जलभराव
शिकायत पर शोहरतगढ़ एसडीएम ने नायब तहसीलदार व सरयू नहर परियोजना बांसी खंड द्वितीय के सहायक अभियंता से जांच कराई। जांच में बताया गया कि सरयू नहर परियोजना के उद्घाटन के मौके पर राप्ती मुख्य नहर में टेल रेग्युलेटर से बानगंगा नदी में पानी छोड़ने के बाद बानगंगा बैराज के अपस्ट्रीम में सिल्ट होने के कारण पानी का अगल-बगल खेत में बिखराव हुआ था। इससे तटबंध से सटे कुछ गाटों में पानी चला गया था।
जब राप्ती मुख्य नहर में फाटक लग रहा था तभी हमने विरोध किया था और साइफन बनाने की मांग की थी। तब हमें मुआवजा देने की बात कहकर चुप करा दिया गया। अब खेत में पानी भर गया है, तो हम खेती कैसे करें। -भोले शर्मा, किसान
सरयू नहर परियोजना के तहत राप्ती मुख्य नहर हमारे गांव में समाप्त हो जाती है। इसका पानी कुछ ही दूरी पर बने कैंपियरगंज बैराज से होकर निकलना था, लेकिन अब तक खुदाई तक नहीं हुई । -अशोक कुमार, किसान
हम अपने परिवार का भरण-पोषण खेती से ही करते हैं। जब खेत में पानी भरा रहेगा, तो हम फसल कैसे तैयार कर पाएंगे। सरकार को किसानों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए। -गुलाम हुसैन, किसान
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जब बलरामपुर से राप्ती नहर का शुभारंभ हुआ था और नहर में पानी भी आ गया। तब किसानों ने अधिकारियों से बैराज के फाटक न खोलने की अपील भी की थी, लेकिन फाटक खोल दिया गया और फसल जलमग्न हो गई। -अहमद अली, किसान
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