संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विद्यालय वाहनों से होने वाले हादसे को देखते हुए न सिर्फ विद्यालय वाहनों के कागजात और फिटनेस की जांच होगी।
बल्कि, वाहन चालकों के लाइसेंस, अनुभव और उनके इतिहास के बारे में जानकारी ली जाएगी। बिना लाइसेंस और अनुभव वाले वाहन चालक वाहन नहीं चला सकेंगे। इसकी जांच के लिए पुलिस और एआरटीओ की संयुक्त साझा अभियान चलेगा। इसमें पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली वाहनों से अकसर हादसे होने के मामले सामने आते रहते हैं। इन हादसों को देखते हुए शासन के निदेश पर अभियान चलाकर स्कूली वाहनों के फिटनेस की जांच की जाती है। आंकड़ों पर गौर करें ताे जिले में 600 से अधिक छोटे- बड़े स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें जुलाई जून माह में चले विशेष अभियान में 176 वाहनों के फिटनेस की मियाद का खत्म होना पाया गया है। जबकि, अधिकांश वाहनों का फिटनेस की जांच हुई है। अब 176 वाहनों को अवसर दिया गया है।
अगर फिटनेस सही नहीं करवा लेते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस और एआरटीओ का संयुक्त अभियान चलेगा। इसके साथ ही वाहन चालकों के लाइसेंस, अनुभव और उनके इतिहास के बारे में जानकारी ली जाएगी। बिना लाइसेंस और अनुभव वाले वाहन चालक वाहन नहीं चला सकेंगे। अकसर देखा जाता है कि नाबालिग और वृद्ध भी वाहन चला रहे हैं, जिनसे हादसे की पूरी संभावना रहती है।
अब इस जांच के शुरू होने से और डाटा सुरक्षित किए जाने से कई प्रकार के लाभ होंगे, हादसे रुकेंगे ही। साथ ही अगर कुछ होता है ताे चालक के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाएगी।