सिद्धार्थनगर। छह दिन से बारिश बंद होने से किसानों के माथे पर पसीना आना शुरू हो गया है। धान की नर्सरी तैयार होने के बाद किसानों ने अब रोपाई शुरू कर दी है। इस समय पानी की अधिक जरूरत होती है। मजबूरन किराए पर पानी चलवाकर जैसे-तैसे रोपाई करा रहे हैं। जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है। वहीं इस बीच खेतों में काम करने के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं से दहशत है। किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि निवाले का जुगाड़ करें या जीवन बचाएं। बिस्कोहर क्षेत्र में मानसून आने के बाद अभी तक सिर्फ दो बार ही झमाझम बारिश हुई है। इसके बाद छह दिन बीत गए लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश न होने से परेशानी
रोपाई के लिए करीब सात बार पानी की आवश्यकता होती है। अभी तक सिर्फ दो बार ही बारिश हुई है। मजबूरन 200 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से पानी किराए पर चलवाया गया है। इस बीच खेतों में बिजली गिरने की घटनाओं से भी डर लग रहा है।
- गोमती साहू, किसान, बिस्कोहर
बादल गरजने व बिजली चमकने से लगता है डर
घर-परिवार चलाने के लिए खेत में रोपाई करने आई हूं। करीब छः दिनों से बारिश नही हुई है। केवल बादल आ जा रहे हैं। कभी-कभी तेज आवाज में बादल गरजने व बिजली चमकने लगती है जिससे डर लगने लगता है।
किरन, डेगहर