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ठंड में हमलावर हुए कुत्ते और सियार, सवा माह में 407 लोगों को काटा

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ठंड में हमलावर हुए कुत्ते और सियार, सवा माह में 407 लोगों को काटा
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सिद्धार्थनगर। सर्द मौसम में जिले में कुत्तों और सियारों के हमले के मामले बढ़ गए हैं। सवा माह में 407 लोग जिला चिकित्सालय में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच चुके हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण कुत्ते हमलावर हो गए हैं। लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विभाग के जानकार बताते हैं कि ठंड का मौसम बढ़ने पर कुत्ते के कटाने की घटनाएं अधिक हो जाती हैं। दिसंबर और जनवरी में ये ज्यादा हमलावर रहते हैं। जानकार कहते हैं कि ठंड में कुतिया, बच्चे को जन्म देती है। ऐसे में अगर उसके पास से होकर कोई जाता है, वह यह सोचकर हमलावर हो जाती है कि अगला उसके बच्चे को मार न दे।
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जिला अस्पताल में बने एआरबी सेंटर पर मौजूदा समय में मरीज बढ़ गए हैं। प्रतिदिन 20 से अधिक लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लोगों को कुत्ते काटे रहते हैं। कुछ पर सियार ने हमला किया होता है। हालांकि सेंटर में इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। वहीं, पशु चिकित्सकों का कहना है कि मौसम उतार-चढ़ाव के कारण कुत्ते और सियार अधिक काटते हैं। लोगों को इन जानवरों से बचने की सलाह दी जा रही है।
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मिठवल के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान वरुण ने कहा कि कुत्ते के काटने के मामले बढ़ने का मुख्य कारण भी मौसम ही है। मौसम में उतार चढ़ाव का असर जानवरों पर भी पड़ता है। वे उत्तेजित होते हैं तो काटते हैं। वहीं, दूसरा कारण है कि जो मादा बच्चे को जन्म देती है, वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हमलावर रहती है। इसके साथ ही भूख भी इनके हमलावर होने का कारण है। दौड़ते हैं, अगर खाने से कोई रोका, तब भी काट लेते हैं। इस मौसम में इनसे बचने की जरूरत है। अगर कुत्ता काटे तो बिना देर किए, इंजेक्शन लगवा लें। वरना, वह खतरनाक साबित हो सकता है।
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